एटा, 13 दिसंबर 2025: सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की असीम कृपा से संत निरंकारी मिशन के तत्वाधान में निरंकारी सत्संग का आयोजन शिकोहाबाद रोड स्थित घमुरिया गांव में गांव में हुआ। यहां पर मथुरा से पधारें निरंकारी मिशन के जोनल इंचार्ज एचo केo अरोरा जी ने मानव जीवन के सार को समझाते हुए कहा, परमात्मा का साक्षात्कार मानव जीवन का परम लक्ष्य है। जिसको प्राप्त करना हर एक मानव का कर्तव्य है। ईश्वर का बोध अर्थात ब्रह्म ज्ञान मानव जीवन की वह सफलता है जो मानव को काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार के अंधकार से निकालकर मानवीय गुण प्यार, नम्रता, सहनशीलता, जैसे दिव्य गुणों से प्रकाशित करता है। मानव शरीर पाकर भी परमात्मा से अनभिज्ञ रहना मानव की सबसे बड़ी भूल है। सद्गुरु द्वारा प्राप्त ब्रह्म ज्ञान जहाँ मानव को सहज़ जीवन जीने का ढंग सीखता है वही दूसरी ओर मानव को 84 लाख योनियों बंधन से भी मुक्ति दिलाता है।
निरंकारी संत ने कहा कि परमात्मा एक ही है परंतु अज्ञानता के कारण मनुष्य परमात्मा को अपनी-अपनी अवधारणा के आधार पर भिन्न-भिन्न रूपों में देखाता है और भिन्न-भिन्न नाम से पुकारता है। परंतु सद्गुरु द्वारा प्राप्त आत्मिक बोध हो जाने पर मानव के सभी भ्रम दूर हो जाते हैं और मानव अपनी वास्तविक स्वरूप को जानते हुए जाति- वर्ण, ऊंच-नीच, जैसी हीन भावनाओं से ऊपर उठकर विशाल हृदय के साथ सहज सरल और आनंदमय जीवन को प्राप्त करता है। संत निरंकारी मिशन सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज द्वारा दिए ब्रह्म ज्ञान के जरिए मानव एकता विश्व बंधुत्व का पाठ पढ़ा रहा है। और जन जन को यही संदेश दे रहा है कि, मानव को हो मानव प्यार एक दूजे का बने सहारा।
