ऐलनाबाद, 9 दिसंबर (एम पी भार्गव) : इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने प्रदेश के कॉलेजों में प्रोफेसरों की कमी और बच्चों को पीएचडी, रिसर्च स्कॉलर द्वारा पढ़ाने के सरकार के निर्णय की तीखी आलोचना की। उन्होंने इसे बेहद बचकाना निर्णय बताया और कहा कि कॉलेज की पढ़ाई बच्चों के भविष्य को निर्धारित करती है, लेकिन अब उन्हें नियमित प्रोफेसरों द्वारा पढ़ाई से महरूम रखा गया है।
चौटाला ने कहा कि प्रदेश के लगभग सभी कॉलेजों में प्रोफेसरों की भारी कमी है, जिसके कारण छात्र पढ़ाई नहीं कर पा रहे। इसका दोष बीजेपी सरकार और एचपीएससी पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि वही पीएचडी, रिसर्च स्कॉलर्स जब नियमित असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए परीक्षा देते हैं, तो एचपीएससी उन्हें फेल कर देता है। लेकिन अब उन्हीं लोगों को सरकार ने अनुबंध पर छात्रों को पढ़ाने का निर्णय लिया है। उन्होंने इसे बीजेपी सरकार की दोगली मानसिकता बताया।
चौटाला ने कहा कि आज प्रदेश के 180 कॉलेजों में 2400 से अधिक शिक्षकों के पद खाली हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बीजेपी सरकार नियमित पद क्यों नहीं भर रही और आरोप लगाया कि यह सरकार बेरोजगार योग्य युवाओं को नौकरी देने में असफल है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए नियमित शिक्षक बेहद आवश्यक हैं, न कि केवल काम चलाने के लिए अनुबंध पर रखा जाए। चौटाला ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि बीजेपी सरकार का असली एजेंडा बच्चों को अच्छी शिक्षा देना नहीं, बल्कि लोगों को जात-पात और धर्म के आधार पर बांटना है।
