संसद में संविदा कर्मियों की आवाज़ बने सांसद धर्मेंद्र यादव, स्थायीकरण व सामाजिक सुरक्षा की रखी मांग

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, मुख्य सचेतक एवं सांसद धर्मेंद्र यादव ने मंगलवार को संसद में देशभर के संविदा कर्मियों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रोजगार सेवकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, पंचायत कर्मियों और रसोइयों के अधिकारों को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि ये वे कर्मी हैं जो देश की आधारभूत सेवाओं को अपनी मेहनत से संचालित रखते हैं, लेकिन स्वयं असुरक्षा और शोषण का सामना कर रहे हैं।

सांसद ने ठेकेदारों द्वारा शोषण, SIR में फंसी नौकरी, बेहद कम मानदेय, स्वास्थ्य सेवाओं और बीमा जैसी सुविधाओं के अभाव को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि इनकी जिंदगी लगातार कठिन होती जा रही है। उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है कि जो लोग व्यवस्था को अंतिम पायदान पर मजबूती से थामे हुए हैं, वही गरिमापूर्ण और सुरक्षित भविष्य से वंचित हैं।

धर्मेंद्र यादव ने सरकार से स्पष्ट मांग की कि सभी संविदा कर्मियों को तत्काल स्थायी किया जाए तथा उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा, बीमा, पेंशन और शोषण-मुक्त कार्य व्यवस्था की गारंटी दी जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल नीतिगत मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के सम्मान और आशा से जुड़ा सवाल है।

सांसद ने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी सड़क से लेकर संसद तक इन कर्मियों की लड़ाई लड़ती रहेगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि जब तक सभी श्रमिकों को न्याय और सम्मानजनक जीवन नहीं मिलता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।

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