उत्तर भारत में बढ़ी कड़ाके की ठंड, पहाड़ों की बर्फबारी का मैदानों में असर — कई राज्यों में कोहरा-शीतलहर का अलर्ट
उत्तर भारत में ठंडी हवाओं ने मौसम का मिजाज अचानक बदल दिया है। पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही ताज़ा बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में भी साफ दिखने लगा है। वहीं दक्षिण भारत में समुद्री सिस्टम कमजोर पड़ने के बावजूद बारिश का दौर जारी है। भारतीय मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए तापमान में और गिरावट, घने कोहरे तथा शीतलहर की चेतावनी जारी की है।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड: ज्यादा हिमपात, और बढ़ेगी सर्दी
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी तेज हो गई है, जिससे दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे बना हुआ है। 4-5 दिसंबर को सक्रिय होने वाले नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते वर्षा और हिमपात के और अधिक बढ़ने की संभावना है। पर्यटन स्थलों पर भीड़ बढ़ी है, लेकिन फिसलन और बंद मार्गों के कारण यात्रा के दौरान सावधानी जरूरी है।
तमिलनाडु: भारी बारिश से जलभराव, जनजीवन प्रभावित
चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू में लगातार हो रही तेज बारिश से कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। बंगाल की खाड़ी के पास सक्रिय निम्न दबाव से हवाओं की गति भी तेज बनी हुई है। यातायात बाधित है और सामान्य स्थिति लौटने में अभी समय लग सकता है।
राजस्थान: पारा 4 डिग्री के करीब, शीतलहर की दस्तक
सीकर और बीकानेर में रात के समय तापमान लगभग 3 डिग्री तक लुढ़क गया। कई इलाकों में अगले दिनों शीतलहर का प्रकोप बढ़ने की आशंका जताई गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह पाला पड़ने का खतरा भी बढ़ गया है।
उत्तर प्रदेश: दिन में हल्की धूप, शाम ढलते ही कंपकंपी
तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है और कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे जा सकता है। 4 दिसंबर से आगरा, मुजफ्फरनगर, कानपुर समेत कई शहरों में ठंडी हवाएं तेज होने के आसार हैं।
बिहार: घना कोहरा, ट्रेनों की रफ्तार थमी
पटना, गया, दरभंगा, बक्सर आदि जिलों में घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है। रेल व सड़क परिवहन प्रभावित हो रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में और गिरावट की संभावना है, जिससे ठिठुरन और अधिक बढ़ेगी।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, आवश्यक सावधानियां बरतने और यात्रा के दौरान मौसम की ताज़ा जानकारी लेते रहने की सलाह दी है।
