बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के एक वर्ष पूरे; डीएम मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में शपथ कार्यक्रम आयोजित

  • सरफराज आलम की रिपोर्ट

लखीसराय।महिला एवं बाल विकास निगम तथा जिला प्रशासन, लखीसराय के संयुक्त तत्वावधान में “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर मंत्रणा कक्ष, लखीसराय में शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएम मिथिलेश मिश्र ने की। द्वीप प्रज्वलन के साथ समारोह की शुरुआत हुई।संबोधन में डीएम श्री मिश्र ने कहा कि बाल विवाह एक ऐसी सामाजिक कुप्रथा है, जो बच्चों के जीवन को कई स्तरों पर प्रभावित करती है। कम उम्र में विवाह होने से गर्भपात, बच्चेदानी संबंधी जटिल बीमारियाँ, एनीमिया, शारीरिक कमजोरियाँ और मातृ मृत्यु जैसी समस्याएँ बढ़ जाती हैं। वहीं घरेलू हिंसा और मानसिक तनाव भी इसके दुष्परिणाम हैं।

उन्होंने कहा, “कम उम्र में माँ बनने से बच्चियों में खून की भारी कमी हो जाती है, जिससे उनका बचपन और पूरा जीवन प्रभावित होता है। इसलिए बेटियों को कम से कम स्नातक तक शिक्षित करना बेहद जरूरी है, ताकि वे सरकारी योजनाओं व आरक्षण का लाभ लेकर विकसित भारत के निर्माण में भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।”

डीएम ने सभी विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों और समाज के हर तबके से इस कुप्रथा के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। उन्होंने बाल विवाह की रोकथाम पर आधारित 100 दिवसीय अभियान के लिए नुक्कड़-नाटक टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।सदर एसडीएम एवं बाल विवाह निषेध पदाधिकारी ने कहा कि शिक्षा और जागरूकता ही बाल विवाह के उन्मूलन का सबसे प्रभावी मार्ग है। उन्होंने कहा कि तकनीकी विकास और अंतरिक्ष में उपलब्धियों के बावजूद समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथाएँ जारी हैं, जिन्हें पूरी तरह खत्म करने की आवश्यकता है। डीडीसी सुमित कुमार ने कहा कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर दो साल की सजा, एक लाख रुपये जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। उन्होंने पंडित, रसोइया, नाई, बाराती–सराती समेत सभी संबंधित लोगों से इस प्रथा के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।जिला प्रोग्राम पदाधिकारी एवं मिशन शक्ति नोडल पदाधिकारी वंदना दना पांडेय ने बताया कि बाल विवाह मामलों में लखीसराय बिहार में प्रथम और देश में दूसरे स्थान पर है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इसे खत्म करने के लिए जन-आंदोलन की आवश्यकता है।विकासार्थ ट्रस्ट की सचिव सुनीता कुमारी ने बताया कि ट्रस्ट लगातार बाल विवाह रोकथाम के लिए कार्यरत है और कई मामलों में हस्तक्षेप कर विवाह रोके गए हैं।कार्यक्रम में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की भावना को और मजबूत करने के लिए सभी अधिकारियों और प्रतिभागियों ने बाल विवाह को जड़ से समाप्त करने का सामूहिक संकल्प लिया।

मौके पर जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, जिला योजना पदाधिकारी, शिक्षा पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, जिला कल्याण पदाधिकारी, जीविका टीम, मिशन हब के जिला समन्वयक प्रशांत कुमार, कन्हैया कुमार, लैंगिक विशेषज्ञ किस्मत कुमारी, नवीन कुमार, आंगनबाड़ी सेविका–सहायिका एवं जीविका दीदियाँ बड़ी संख्या में मौजूद रहीं।

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