एटा:- केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि उसकी परिचालन क्षमता, तकनीकी दक्षता तथा रणनीतिक सजगता किसी भी चुनौतीपूर्ण परिदृश्य में सर्वोच्च मानकों पर खरी उतरती है। एनएसजी मानेसर में आयोजित 9वें संयुक्त काउंटर IED अभ्यास—‘विस्फोट कवच lX’ में तीसरा स्थान प्राप्त कर CISF ने न केवल अपनी प्रवीणता का लोहा मनवाया, बल्कि उन 23 उत्कृष्ट टीमों में विशेष पहचान बनाई, जिनमें 16 राज्यों, 3 केंद्र शासित प्रदेशों और 4 केंद्रीय सशस्त्र बलों की सबसे चुनिंदा टीमें सम्मिलित थीं। गौरतलब यह रहा कि शीर्ष तीन में स्थान पाने वाला CISF अकेला CAPF बनकर उभरा, जो उसकी निरंतर उन्नत होती सामरिक तैयारी का उज्ज्वल प्रमाण है।
‘विस्फोट कवच lX’ केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुद्धि, साहस, त्वरित निर्णय क्षमता और तकनीकी समझ का एक कठिन संग्राम है। IED जैसी छिपी हुई विध्वंसक चुनौतियों को निष्क्रिय करना किसी भी सुरक्षा बल के लिए अत्यंत जोखिमपूर्ण दायित्व होता है। ऐसे में CISF की टीम द्वारा प्रदर्शित सूक्ष्म विश्लेषण क्षमता, उन्नत उपकरणों की दक्ष उपयोगिता और जोखिम प्रबंधन कौशल अनुकरणीय है। यह उपलब्धि न केवल CISF की शानदार तैयारी का परिचायक है, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा के व्यापक परिप्रेक्ष्य में उसकी बढ़ती सामरिक भूमिका को भी रेखांकित करती है।
प्रतियोगिता के परिणाम स्पष्ट बताते हैं कि तकनीकी सम्मान और मानव कौशल का संतुलन ही वास्तविक सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है—
प्रथम स्थान : कर्नाटक पुलिस BDDS
द्वितीय स्थान : आंध्र प्रदेश विशेष एंटी-टेरर यूनिट
तृतीय स्थान : CISF टीम
CISF का यह प्रदर्शन सुरक्षा तंत्र में उसकी अग्रणी भूमिका को और दृढ़ करता है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि यदि चुनौती कितनी ही जटिल क्यों न हो, CISF अपने अदम्य साहस, अनुशासन और सूक्ष्म रणनीतिक क्षमता के साथ हर परिस्थिति में राष्ट्र की सुरक्षा के लिए संकल्पबद्ध है। यह सफलता उसके प्रशिक्षण मॉड्यूल, प्रोफेशनलिज़्म और निरंतर नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता का उज्ज्वल प्रतीक है।
