पत्रकारों की समस्याओं से निपटने के लिए सरकार जागरूक है — गजेन्द्र फौगाट

पेंशनर पत्रकार समस्याओं से जूझ रहे हैं — बी.के. दिवाकर सरकार पत्रकार कल्याण बोर्ड का गठन करें — सरदार बलजीत सिंह एडवोकेट

  • रिपोर्ट: एमपी भार्गव

सिरसा, 10 नवंबर ;हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विशेष पब्लिसिटी एडवाइजर गजेन्द्र फौगाट के सिरसा आगमन पर उनके सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में जिलेभर के पत्रकार बड़ी संख्या में एकत्र हुए। यह कार्यक्रम हरियाणा यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं मीडिया फाउंडेशन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष सरदार बलजीत सिंह एडवोकेट की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए गजेन्द्र फौगाट ने कहा कि हरियाणा सरकार पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह गंभीर और जागरूक है। उन्होंने कहा कि सरकार पत्रकारों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है और उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा।

कार्यक्रम में हरियाणा गवर्नमेंट पेंशनर पत्रकार संघ के अध्यक्ष बी.के. दिवाकर ने कहा कि राज्य के पेंशनर पत्रकारों को प्रतिमाह मिलने वाली पेंशन में लगातार देरी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों से पत्रकारों को समय पर पेंशन नहीं मिली है।

“सितंबर माह में पेंशन 18 और 20 तारीख को मिली थी, अक्टूबर में दिवाली के बाद 28 तारीख को, और नवंबर में अब तक जारी नहीं हुई,” — दिवाकर ने कहा।

उन्होंने यह भी मांग की कि पत्रकारों की पेंशन ₹10,000 से बढ़ाकर ₹40,000 प्रति माह की जाए क्योंकि 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हर वर्ष ₹5,000 की वृद्धि का आश्वासन दिया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ।

सरदार बलजीत सिंह एडवोकेट ने कहा कि प्रदेश में पत्रकारों को मान्यता प्राप्त करने के नियम अत्यंत जटिल हैं, जिन्हें सरल और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने पत्रकार कल्याण बोर्ड के गठन की मांग करते हुए कहा कि छोटे और मझौले समाचार पत्र सरकार की नीतियों को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए उन्हें विज्ञापनों में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उन्होंने बताया कि पेंशनर पत्रकारों के लिए जारी अधिसूचना में दो तर्कहीन धाराओं को हटवाने में गजेन्द्र फौगाट ने रचनात्मक सहयोग दिया, जिसके लिए संगठन उनका आभारी है।

वरिष्ठ पत्रकार इंद्र मोहन शर्मा ने कहा कि इलाज के लिए खर्च की गई राशि का भुगतान सरकार द्वारा पूर्ण रूप से नहीं किया जाता, जबकि पत्रकार पहले ही सीमित आय में जीवनयापन कर रहे हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।

वहीं वरिष्ठ पत्रकार दिनेश कौशिक ने कहा कि सरकार को कार्यरत पत्रकारों को भी शीघ्र मान्यता प्रदान करनी चाहिए और इस दिशा में नियमों में आवश्यक संशोधन करने चाहिए।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि पत्रकार समाज का चौथा स्तंभ हैं, और उनकी सुरक्षा, सम्मान एवं आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

अंत में सरदार बलजीत सिंह एडवोकेट ने गजेन्द्र फौगाट को सिरसा जिला के पत्रकारों की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

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