बहुत शक्तिशाली था रावण, फिर भी क्यों पार नहीं कर सका लक्ष्मण रेखा?

नई दिल्ली। रामायण का सबसे अहम पात्र रावण अपने ज्ञान, विद्या और युद्ध कौशल के लिए प्रसिद्ध था। वह बेहद शक्तिशाली योद्धा था और कहा जाता है कि उसने एक बार कैलाश पर्वत तक उठाने की कोशिश की थी। लेकिन उसका अहंकार और छल-कपट ही उसके पतन का कारण बने।

माता सीता का छल से हरण

अपनी बहन शूपर्णखा के अपमान का बदला लेने के लिए रावण ने माता सीता का हरण किया। वह साधु का रूप धारण कर सीता माता की कुटिया तक पहुँचा। लेकिन लक्ष्मण जी ने कुटिया के बाहर लक्ष्मण रेखा खींची थी, जिसे रावण पार नहीं कर सका।

लक्ष्मण रेखा का रहस्य

इतना शक्तिशाली होने के बावजूद रावण लक्ष्मण रेखा पार क्यों नहीं कर पाया? इसका कारण था लक्ष्मण जी की तपस्या और साधना। वनवास के दौरान लक्ष्मण जी ने ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए गहन योग और भक्ति की थी, जिससे उनके भीतर अद्भुत शक्ति का संचार हुआ। इसी शक्ति से खींची गई लक्ष्मण रेखा में ऐसी ऊर्जा थी कि यदि रावण उसे पार करता तो तुरंत भस्म हो जाता।

छल से पूरा किया अपहरण

रावण ने छल का सहारा लिया और भिक्षा मांगने के बहाने माता सीता को ही लक्ष्मण रेखा के बाहर बुला लिया। इसी तरह उसने उनका अपहरण कर लिया और उन्हें लंका ले गया।

 

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