एटा: कुपोषित बच्चे को गोद लेकर समाज को दिया प्रेरणादायी संदेश, सकीट के खण्ड विकास अधिकारी उमेश अग्रवाल की मिसाल

  • रिपोर्ट- मनोज कुमार यादव

एटा। सकीट विकास खण्ड अधिकारी उमेश अग्रवाल ने एक मानवीय उदाहरण पेश करते हुए कुपोषित बच्चे को गोद लिया है। उनका यह कदम न केवल सराहनीय है बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। जिस दौर में अधिकतर अधिकारी आमजन से दूरी बनाए रखते हैं, वहीं उमेश अग्रवाल ने यह संदेश दिया है कि सरकारी पद केवल जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं, बल्कि वास्तविक समाज सेवा का माध्यम भी हो सकते हैं।

कुपोषण आज देश की सबसे गंभीर समस्याओं में गिना जाता है। यह केवल स्वास्थ्य का ही नहीं, बल्कि आने वाले भविष्य का संकट है। ऐसे में उमेश अग्रवाल का यह कदम न केवल उस बच्चे के जीवन को संवारने वाला है, बल्कि समाज को यह एहसास भी दिलाता है कि बच्चों के पोषण की जिम्मेदारी केवल माता-पिता की नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इतना ही नहीं, खण्ड विकास अधिकारी ने घर-घर जाकर संवर्द्धन किट वितरित कीं, जिससे उन परिवारों तक पोषण और जागरूकता पहुँची, जहाँ अक्सर सरकारी योजनाओं की रोशनी देर से पहुँचती है। उनका यह प्रयास साबित करता है कि सच्चा नेतृत्व दफ्तरों में बैठकर आदेश देने से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने से होता है।

आज जरूरत है कि जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी इसी प्रकार संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से कदम उठाएँ। तभी समाज का वास्तविक विकास संभव हो सकेगा।

 

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