UP सरकार का बड़ा फैसला: अब विवाहित बेटियों को भी मिलेगा कृषि भूमि में बराबरी का अधिकार
उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजस्व परिषद ने धारा 108(2) से ‘अविवाहित’ शब्द हटाने का प्रस्ताव तैयार किया है। अब विवाहित बेटियों को भी अविवाहित बेटियों और बेटों की तरह कृषि भूमि में बराबरी का हिस्सा मिलेगा।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार अब विवाहित बेटियों को भी कृषि भूमि में बराबरी का अधिकार देने जा रही है। इस संबंध में राजस्व परिषद ने संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है।
सूत्रों के अनुसार, प्रस्ताव में धारा 108(2) से ‘अविवाहित’ शब्द हटाने का सुझाव दिया गया है। जैसे ही यह संशोधन लागू होगा, बेटियों को उनकी वैवाहिक स्थिति के आधार पर संपत्ति के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकेगा।
अब नहीं होगा विवाहित और अविवाहित बेटियों में भेदभाव
प्रस्ताव के अनुसार, जहां-जहां उत्तराधिकार की सूची में विवाहित और अविवाहित बहनों के बीच अंतर किया गया है, वहां यह भेदभाव खत्म कर दिया जाएगा। यानी विवाह के आधार पर किसी भी बेटी या बहन के साथ भेदभाव नहीं होगा।
मध्य प्रदेश और राजस्थान मॉडल अपनाएगा यूपी
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश और राजस्थान में पहले से ही विवाहित बेटियों को बेटों के बराबर कृषि भूमि में हिस्सा मिलता है। अब उत्तर प्रदेश भी इसी मॉडल को अपनाने की तैयारी कर रहा है।
कैबिनेट मंजूरी के बाद मिलेगा अधिकार
अगर इस प्रस्ताव को कैबिनेट और सदन से मंजूरी मिल जाती है, तो उत्तर प्रदेश में भी विवाहित बेटियों को अविवाहित बेटियों और बेटों की तरह पिता की संपत्ति में बराबरी का अधिकार मिलेगा।
👉 इस फैसले को प्रदेश में महिलाओं के अधिकार और समानता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
