- रिपोर्ट- कपिल सिंह राजपूत
बाराबंकी। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी एवं पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने शुक्रवार को संयुक्त रूप से जिला कारागार बाराबंकी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण की शुरुआत अधिकारियों ने कारागार के मुख्य द्वार से की, जहाँ सुरक्षा व्यवस्था का गहन परीक्षण किया गया। इसके बाद दोनों अधिकारी जेल के भीतरी परिसर में पहुँचे और वहाँ की साफ-सफाई, अनुशासन व्यवस्था एवं समग्र प्रबंधन का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने जेल की बैरकों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, प्रकाश व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति एवं स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा की। यह भी परखा गया कि बंदियों को भोजन, पेयजल एवं आवश्यक वस्तुएँ समय पर और मानक के अनुसार मिल रही हैं या नहीं।
अधिकारियों ने महिला बैरक और किशोर सदन का भी निरीक्षण किया, जहाँ 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग के किशोर बंदी रखे जाते हैं। यहाँ सुरक्षा प्रबंध, अनुशासन व्यवस्था और उपलब्ध संसाधनों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया।
निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने बंदियों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएँ और सुझाव भी सुने। इस अवसर पर उन्होंने जेल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएँ निर्धारित मानकों के अनुसार नियमित रूप से संचालित हों। जिलाधिकारी ने कहा कि बंदियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रत्येक स्तर पर सतर्कता और संवेदनशीलता बनाए रखी जाए। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
औचक निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक कुंदन कुमार, जेलर राजेन्द्र कुमार सहित कारागार के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।
