मुरादाबाद, 26 अगस्त। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सुर्खियों में आए IAS आन्जनेय कुमार सिंह को एक साल का और सेवा विस्तार मिल गया है। उन्हें लगातार 7वीं बार एक्सटेंशन मिला है। अब वे अपने मूल कैडर सिक्किम वापस नहीं जाएंगे।
IAS आन्जनेय सिंह की यूपी में सेवा विस्तार की अवधि 14 अगस्त को समाप्त हो गई थी। योगी सरकार ने उनका एक्सटेंशन बढ़ाने के लिए केंद्र को सिफारिश भेजी थी, लेकिन मंजूरी में देरी होने पर यूपी सरकार ने बीते शनिवार को उन्हें मुरादाबाद कमिश्नर पद से रिलीव कर दिया था। इसके बाद उन्होंने डीएम अनुज सिंह को चार्ज सौंप दिया और 60 दिन की छुट्टी पर चले गए थे। हालांकि, केंद्र सरकार ने यूपी सरकार की विशेष सिफारिश मानते हुए महज 48 घंटे बाद ही उनकी रिलीविंग कैंसिल कर दी और एक साल का नया प्रतिनियुक्ति विस्तार मंजूर कर लिया।
आन्जनेय कुमार सिंह मूल रूप से यूपी के मऊ जिले के सलाहादबाद गांव के रहने वाले हैं। वे 2005 बैच के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने अपने मूल कैडर सिक्किम में 8 साल सेवा दी है, जबकि यूपी में उनकी तैनाती को अब 10 साल पूरे हो चुके हैं। एक्सटेंशन के बाद वे यूपी में 11 साल का कार्यकाल पूरा कर लेंगे।
गौरतलब है कि 2015 में तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की सिफारिश पर सीएम अखिलेश यादव ने उन्हें यूपी में प्रतिनियुक्ति पर बुलाया था। तब से अब तक उन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ के भरोसेमंद अफसरों में गिना जाता है। योगी सरकार की सिफारिश पर केंद्र उन्हें पहले भी 6 बार एक्सटेंशन दे चुकी है—4 बार एक-एक साल का और 2 बार छह-छह महीने का।
आन्जनेय सिंह का नाम यूपी के चर्चित और सख्त माने जाने वाले अफसरों में शामिल है। 2019 में रामपुर में डीएम रहते हुए उन्होंने आजम खान के खिलाफ कई कड़ी कार्रवाइयां कीं। आजम खान के विवादित भाषण (हेट स्पीच) मामले में कार्रवाई के बाद उन्हें 3 साल की सजा हुई, जिसके चलते उनकी विधायकी तक रद्द हो गई।
अब देखना होगा कि नए कार्यकाल में IAS आन्जनेय को योगी सरकार कौन-सी जिम्मेदारी सौंपती है।
