हरियाणा, 25 अगस्त (डॉ. एम.पी. भार्गव, ऐलनाबाद)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज विधानसभा में ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान जान गंवाने वाले हरियाणा के 121 पीड़ितों के परिजनों को सरकार में यथोचित नौकरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी 121 परिवारों के वर्तमान सदस्य को उनकी सहमति से प्राथमिकता के आधार पर यह रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि 1984 में हुए दंगों के दौरान हरियाणा में 20 गुरुद्वारे, 221 मकान, 154 दुकानें, 57 फैक्टरी, 3 रेल डिब्बे और 85 वाहन जला दिए गए थे। यह घोषणा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी वर्ष के अवसर पर सदन में सरकारी प्रस्ताव पेश करते समय की गई।
सदन ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करते हुए गुरु तेग बहादुर साहिब जी के बलिदान को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का हरियाणा की भूमि से गहरा संबंध रहा है। अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने कुरुक्षेत्र, पिहोवा, कैथल, जींद, अंबाला, चीका और रोहतक की पावन भूमि को अपने चरणों से पवित्र किया।
इस अवसर पर सदन ने भाई सती दास, भाई मति दास और भाई जैता जी के अद्वितीय बलिदान को भी याद किया। विशेष रूप से, भाई जैता जी द्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब जी के पवित्र शीश को दिल्ली से आनंदपुर साहिब तक ले जाने के साहसिक कार्य की सराहना की गई।
सदन ने सोनीपत के गांव बड़खालसा के शहीद कुशाल सिंह दहिया जी को भी याद किया, जिन्होंने मुगल सैनिकों को भ्रमित करने के लिए अपना शीश अर्पित कर गुरु साहिब के पवित्र शीश को सुरक्षित आनंदपुर साहिब पहुंचाने में अहम योगदान दिया।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा—
“यह सदन गुरु तेग बहादुर साहिब जी के सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है और उनके 350वें शहीदी वर्ष को गरिमापूर्ण ढंग से मनाने का प्रण लेता है।”
👉 हरियाणा विधानसभा में पास हुआ यह प्रस्ताव राज्य के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।
