अमृतसर – देश भर में राखी का त्योहार बहन–भाई के प्यार और स्नेह का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख–समृद्धि की कामना करती हैं, जबकि भाई अपनी बहन की पूरी उम्र रक्षा करने और उसे हमेशा खुश रखने का वचन देते हैं।
पंडित सुनील दत्त शर्मा ने बताया शुभ समय
पंडित सुनील दत्त शर्मा के अनुसार, इस बार राखी 9 अगस्त को पूरे दिन शुभ मानी गई है। पूर्णिमा 8 अगस्त से शुरू होकर 9 अगस्त दोपहर तक रहेगी, जिसके कारण 9 अगस्त सुबह 5:30 बजे से लेकर दोपहर 1:30 बजे तक का समय विशेष रूप से श्रेष्ठ माना गया है। हालांकि, जो बहनें दूर से आती हैं, वे पूरे दिन राखी बांध सकती हैं।
बद्रा दोष नहीं, इस बार पूरी तरह मंगलमय
पंडित जी ने बताया कि अक्सर राखी के दिन बद्रा दोष बन जाता है, लेकिन इस बार 8 अगस्त रात एक बजे ही बद्रा समाप्त हो गई थी। इसलिए 9 अगस्त का पूरा दिन बिना किसी संदेह के मंगलमय है।
कौन सा रंग हो खास
हालांकि सभी रंग शुभ माने जाते हैं, लेकिन इस बार पीला और लाल रंग खास महत्व रखते हैं। लाल रंग प्यार और संकल्प का प्रतीक है, जबकि पीला रंग शुद्धता और खुशहाली का संदेश देता है।
त्योहार की पुरानी कथा
पंडित शर्मा ने याद दिलाया कि राखी की शुरुआत लक्ष्मी माता द्वारा राजा बली की कलाई पर राखी बांधने से हुई थी, जब वे भगवान विष्णु को अपने पास रखना चाहते थे। इस प्रकार राखी बहन–भाई के अटूट रिश्ते की निशानी बनी।
इस बार के त्योहार में बहनें प्यार से भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी रक्षा और खुशहाली की अरदास करेंगी, जबकि भाई अपना वचन निभाएंगे।
