नई दिल्ली, 7 अगस्त — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अप्रत्यक्ष संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि भारत अपने किसानों और दुग्ध क्षेत्र के हितों से कभी भी समझौता नहीं करेगा, चाहे इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से भारी कीमत क्यों न चुकानी पड़े।
यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर सीमा शुल्क 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। अमेरिका और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है, जिसमें अमेरिका भारत के कृषि और दुग्ध बाजार में ज्यादा पहुंच की मांग कर रहा है।
अमेरिका मक्का, सोयाबीन, सेब, बादाम और एथनॉल जैसे उत्पादों पर कम सीमा शुल्क और अमेरिकी डेयरी उत्पादों के लिए अधिक बाजार पहुंच चाहता है, जिसे भारत ठुकरा रहा है क्योंकि इससे सीधे तौर पर भारतीय किसानों पर असर पड़ेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने एम.एस. स्वामीनाथन की जन्म शताब्दी पर आयोजित तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा:
“हमारे लिए अपने किसानों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत अपने किसानों, पशुपालकों और मछुआरे भाइयों-बहनों के हितों के साथ कभी भी समझौता नहीं करेगा।”
उन्होंने आगे कहा:
“मैं जानता हूं कि व्यक्तिगत रूप से मुझे बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं। मेरे देश के मछुआरों के लिए, पशुपालकों के लिए आज भारत तैयार है।”
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि वैज्ञानिक एम.एस. स्वामीनाथन के सम्मान में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया।
अपने संबोधन में उन्होंने सरकार द्वारा किसानों और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख किया और जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों के बीच खाद्य उत्पादन बनाए रखने की जरूरत पर बल दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब ऐसे फसल किस्मों का विकास ज़रूरी है जो जलवायु परिवर्तन के प्रभावों जैसे अत्यधिक गर्मी के प्रति अधिक सहनशील हों।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार तनाव बढ़ता जा रहा है, और यह संदेश साफ है कि किसानों के हित से भारत किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेगा।
