प्रदेश के 21 जनपद बाढ़ से प्रभावित, औरैया जनपद के 12 राजस्व ग्रामों में 5,000 से अधिक परिवार यमुना नदी में आयी बाढ़ से प्रभावित हुए : मुख्यमंत्री योगी

मुख्यमंत्री ने जनपद औरैया में बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत सहायता किट तथा आपदा में दिवंगत लोगों के परिजनों को 04-04 लाख रु0 के चेक वितरित किए विभिन्न लाभार्थियों को कृषि अनुदान के प्रतीकात्मक चेक, दैवीय आपदा से प्रभावित लोगों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्रमाण-पत्र प्रदान किए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए हर जनपद में प्रभारी मंत्रियों की तैनाती की गई

लखनऊ : 05 अगस्त मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद औरैया में बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत सहायता किट का वितरण किया। उन्होंने विभिन्न लाभार्थियों को कृषि अनुदान के प्रतीकात्मक चेक, दैवीय आपदा से प्रभावित लोगों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने आपदा में दिवंगत लोगों के परिजनों को 04-04 लाख रुपये के चेक भी प्रदान किए। उन्होंने जनपद औरैया में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत अशोक का पौधा भी रोपित किया।
मुख्यमंत्री   ने इस अवसर पर मीडिया प्रतिनिधियों तथा उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि विगत 10-15 दिनों में अत्यधिक वर्षा के कारण उत्तर प्रदेश के 21 जनपद बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। औरैया जनपद के 12 राजस्व ग्रामों में 5,000 से अधिक परिवार यमुना नदी में आयी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निरीक्षण और राहत कार्यों की समीक्षा करने के तथा उन्हें प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए हर जनपद में प्रभारी मंत्रियों की तैनाती की गई है। प्रभारी मंत्रीगण अपनी देखरेख में जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर बाढ़ राहत कार्यों को तेजी के साथ आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। सभी बाढ़ पीड़ित परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं। सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ है और उनका हर प्रकार से सहयोग करने के लिए तत्पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में चम्बल नदी में धौलपुर आदि से जल छोड़ने के कारण बाढ़ की स्थिति पैदा हुई है। सामान्यतः यमुना जी में खतरे का निशान 113 मीटर है। खतरे के निशान से भी साढ़े चार मीटर ऊपर जलस्तर पहुंचने के कारण यह स्थितियां उत्पन्न हुई है। जिससे आगरा, इटावा का आंशिक क्षेत्र, औरैया, जालौन और यमुना जी के तटवर्ती क्षेत्र और प्रयागराज में माँ गंगा जी के साथ यमुना जी का मिलन हो जाने पर बलिया तक का पूरा क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हुआ है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने अपने स्तर से पी0ए0सी0 की फ्लड यूनिट, एन0डी0आर0एफ0 और  एस0डी0आर0एफ0 को तैनात किया है। यह सभी अपने-अपने क्षेत्रों में राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा रही हैं। एन0डी0आर0एफ0 की 16 टीमें, एस0डी0आर0एफ0 की 18 टीमें और पी0ए0सी0 की फ्लड यूनिट की 31 टीमें वर्तमान में बाढ़ प्रभावित जनपदों में राहत कार्य संचालित कर रही हैं। इन सभी जनपदों में साढ़े बारह सौ से अधिक नौकाओं की व्यवस्था भी की गई है, जिसके माध्यम से नागरिकों के आवागमन को सुचारू बनाने का कार्य किया गया है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश और जनपद स्तर पर कण्ट्रोल रूम और हर गांव में बाढ़ राहत चौकी की व्यवस्था की गई है। राहत कार्य की दृष्टि से जगह-जगह बाढ़ राहत शिविर बनाए गए हैं। जिन लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है, उन्हें सुबह का नाश्ता, दोपहर और सायंकाल का भोजन, शुद्ध पेयजल, दवा और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की गई है। जो लोग अपने घरों में सुरक्षित रह सकते हैं, वहां बड़ी नौकाओं की व्यवस्था की गई है। उन्हें बाढ़ राहत किट भी उपलब्ध करायी गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बाढ़ राहत किट में 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 02 किलो दाल, 01 किलो तेल, 10 किलो आलू, मसाले, नमक, डिग्निटी किट, बरसाती आदि देने की कार्यवाही की जा रही है। जनहानि होने पर प्रभावित परिवार को आपदा राहत कोष से 04 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। किसी परिवार का मकान पूरी तरह बह जाने पर, उन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से आच्छादित करने की कार्यवाही भी की जा रही है। पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने के साथ ही, पशुधन की हानि होने पर सहायता राशि की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री   ने कहा कि जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए गए हैं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। सी0एच0सी0 तथा जनपद अस्पतालों में एण्टी रेबीज और एण्टी स्नैक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। बरसात के बाद किसी भी प्रकार के जलजनित रोगों से बचाव के लिए छिड़काव और साफ-सफाई की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ राहत कार्यों के लिए युद्धस्तर पर टीमें लगायी गयी हैं। जिला प्रशासन को इस सम्बन्ध में निर्देश दिए गए हैं। प्रभारी मंत्री स्वयं भी इन क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। जिन अन्नदाता किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है, उसका सर्वेक्षण करने के लिए आदेश दिए गए हैं। सर्वेक्षण की रिपोर्ट आते ही तत्काल मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री   ने कहा कि हमें अलर्ट रहना होगा, क्योंकि अभी अगस्त का प्रथम सप्ताह चल रहा है। बाढ़ की आशंका सितम्बर-अक्टूबर माह तक बनी रहती है। सरकार और प्रशासन पूरी मुस्तैदी से आपके साथ है। आज वह स्वयं औरैया जनपद में इन सभी कार्यों का निरीक्षण करने आए हैं और पीड़ित परिवारों को राहत किट उपलब्ध करायी है। यहां यमुना जी के जलस्तर में कमी आ रही है। हम शीघ्र ही सभी लोगों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाने में सफल होंगे।
इस अवसर पर महिला कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने आगरा और औरैया के मध्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया तथा औरैया पहुंचने पर प्रशासन को राहत कार्यों में तेजी लाने एवं आपदा प्रभावितों को सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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