गुरुग्राम में बनेगी एशिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने किया स्थल का निरीक्षण

अरावली की 10,000 एकड़ में फैली परियोजना से इको-टूरिज्म, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

हरियाणा, 02 अगस्त (एम.पी. भार्गव)। हरियाणा के गुरुग्राम में प्रस्तावित एशिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी परियोजना का आज केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण किया। यह महत्वाकांक्षी परियोजना अरावली पर्वतमाला के 10,000 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह परियोजना न केवल इको-टूरिज्म को बढ़ावा देगी, बल्कि वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि यह जंगल सफारी एशिया की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक होगी, जिसमें वन्य प्रजातियों के संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और जन जागरूकता जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि यह पहल हरियाणा को वैश्विक पर्यावरण मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगी। परियोजना के माध्यम से स्थानीय लोगों को पर्यटन, गाइडिंग, हॉस्पिटैलिटी और अन्य सेवाओं में सैकड़ों रोजगार के अवसर मिलेंगे।

परियोजना का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए पर्यावरणीय पर्यटन को एक नई दिशा देना है। इसमें जंगल सफारी के साथ-साथ प्राकृतिक झीलें, ट्रेकिंग ट्रेल्स, बर्ड वॉचिंग ज़ोन और एडवेंचर गतिविधियों की भी व्यवस्था की जाएगी।

सरकार का लक्ष्य इस परियोजना को 2026 तक चरणबद्ध तरीके से शुरू करना है। इससे हरियाणा पर्यटन को नई गति मिलेगी और अरावली क्षेत्र का सतत विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।

मुख्य बिंदु:

स्थान: अरावली क्षेत्र, गुरुग्राम

क्षेत्रफल: 10,000 एकड़

उद्देश्य: इको-टूरिज्म, वन्यजीव संरक्षण, रोजगार

परियोजना में शामिल होंगे: जंगल सफारी, झीलें, ट्रेकिंग, बर्ड वॉचिंग

समयसीमा: चरणबद्ध विकास, लक्ष्य 2026

यह परियोजना हरियाणा के विकास में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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