रामपुर। थाना टांडा क्षेत्र के मोहल्ला नबाबपुरा में एक टॉय ड्रोन मिलने की सूचना पर पुलिस सतर्क हो गई थी। लेकिन जांच के बाद यह मामला एक उड़ने वाले खिलौने का निकला, जिसे कुछ युवकों ने सोशल मीडिया वीडियो बनाने के लिए खरीदा था।
घटना 21 जुलाई 2025 की है, जब कस्बा टांडा के मोहल्ला नबाबपुरा में एक छोटा ड्रोन गिरा हुआ मिला। पुलिस द्वारा तत्काल संज्ञान लेकर जांच की गई और पता चला कि यह ड्रोन उवैश पुत्र तुफैल अहमद (18 वर्ष) निवासी मौहल्ला राहुपुरा और आरिस पुत्र स्व. आरिफ (21 वर्ष) निवासी मौहल्ला आज़ादनगर, टांडा का है।
वीडियो बनाने के लिए खरीदा था ड्रोन
पूछताछ में दोनों युवकों ने बताया कि उन्होंने यह ड्रोन 20 जुलाई 2025 को कस्बा टांडा स्थित कफील टेलीकॉम नामक दुकान से ₹2,750 में खरीदा था। ड्रोन को वीडियो और रील बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाना था। दोनों का YouTube चैनल TEAM CLUB-2 और इंस्टाग्राम पर UVAIS.TMC.2 नाम से सोशल मीडिया अकाउंट भी है।
छोटे भाई ने उड़ाया था खिलौना समझकर
आरिस के छोटे भाई ने पूछताछ में बताया कि उसका भाई ड्रोन लाया था, और जब वह सुबह सो रहा था, तो उसने उसे खिलौना समझकर गली में उड़ा दिया, जो बाद में अनियंत्रित होकर गिर गया।
विक्रेता से भी हुई पूछताछ
पुलिस ने ड्रोन विक्रेता मोहम्मद कफील से भी पूछताछ की। कफील ने बताया कि उसने यह ड्रोन जनपद मुरादाबाद के बुद्ध बाजार स्थित साईं कॉम्प्लेक्स में आज़ाद हुसैन (Blue Eyes) नामक व्यक्ति से ₹2,200 में खरीदा था और बाद में इसे ₹2,750 में उपरोक्त युवकों को बेच दिया।
थाना टांडा पुलिस द्वारा की गई जांच से स्पष्ट हुआ कि ड्रोन उड़ाए जाने के पीछे किसी भी प्रकार का आपराधिक या संदेहास्पद उद्देश्य नहीं था। यह पूरी तरह से एक खिलौना ड्रोन है, जिसका इस्तेमाल मनोरंजन व सोशल मीडिया वीडियो बनाने के लिए किया गया था।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
