महिला सशक्तिकरण अधिनियम को अमलीजामा पहनाने में नंबर वन हरियाणा

सिरसा (सी एम ग्रोवर प्रेसवार्ता) सदैव घूंघट में और चुल्हे चौके तक सीमित रहने वाली हरियाणवी महिलाओं की सोच में बदलाव लाकर भाजपा हरियाणा ने इतिहास ही नहीं भूगोल को भी बदलने की राह पकड़ ली है। हरियाणा देश का एकमात्र पहला ऐसा राज्य है, जहां पंचायत चुनाव में शैक्षणिक योग्यता और महिलाओं को बराबर की भागीदारी देकर संकेत दिया है कि भाजपा हरियाणवी महिलाओं को महिला सशक्तिकरण अधिनियम से जागरूक करने के लिए प्रयासरत हैं‌। ससुराल और मायके में रहने वाली महिला जनप्रतिनिधि अब अपने परिवार के किसी सदस्य के लिए रबड़ की मोहर नहीं नजर आ रही। 58 वर्ष के हरियाणा ने 14 लोकसभा चुनाव में सुनीता दुग्गल,कैलाशो सैनी, चंद्रावती, श्रुति चौधरी, सैलजा तथा सुधा यादव को संसद में भिजवाया है, जिसमें मौजूदा महिला सांसद सैलजा पांचवीं बार निर्वाचित हुई है। सांसद महिलाओं में सुनीता दुग्गल ही एकमात्र ऐसी सांसद बनकर उभरी है, जिन्होंने ने महिलाओं के अधिकारों के लिए वकालत कर देशभर की महिला शक्ति में विशेष पहचान बनाई है। तथ्य साक्षी है कि नये संसद भवन में प्रवेश के पहले दिन पर पहले प्रस्ताव महिला सशक्तिकरण अधिनियम की प्रथम वक्ता सुनीता दुग्गल थी और सुनीता ने प्रस्ताव पर बहस कर महिलाओं का दिल जीत लिया था। घूंघट और चुल्हे चौके तक सीमित रहने वाली हरियाणवी महिला सरपंच की सोच में बदलाव लाकर सार्वजनिक बैठक में घूंघट उठाने की पहल का श्रेय भी सुनीता दुग्गल के नाम पर हरियाणा के राजनीतिक इतिहास में दर्ज है। सुनीता की इस पहल का असर पूरे प्रदेश की महिला जनप्रतिनिधियों पर देखा गया है। हरियाणवी महिलाओं की सोच में परिवर्तन लाने वाली सुमन सैनी के प्रयास की भी अनदेखी नहीं की जा सकती। सी एम हरियाणा नायब सैनी की धर्मपत्नी सुमन सैनी ने विधायकों की धर्मपत्नियों को एक मंच पर लाकर महिला सशक्तिकरण अधिनियम पर अमलीजामा पहनाने का संदेश देकर अनूठी पहल की है। वर्तमान में राज्य के नगर निगमों में अंबाला से शैलजा सचदेवा, गुरूग्राम से राजरानी मल्होत्रा, करनाल से रेणुबाला, पानीपत से कोमल सैनी तथा यमुनानगर से सुमन बहमणी बतौर मेयर बखूबी अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं, वहीं भिवानी परिषद में कीर्ति, गोहाना परिषद में लक्ष्मी विरमानी, नारनौल परिषद में कमलेश,कैथल परिषद में सुरभि गर्ग, बहादुर गढ़ परिषद से सरोज रानी, जींद परिषद से अनुराग सैनी, सोहना परिषद से अंजू बतौर चेयरपर्सन कार्यरत हैं। इसी प्रकार नगर पालिका नारायणगढ़ से रिंकी वालिया, रतिया से प्रीति खन्ना, भूना से अर्चना पसरीचा, सफीदों से अनीता रानी, लाडवा से साक्षी खुराना,धरौडां से हैप्पी गुप्ता, निसिंग से रोजी सिंगला, नरवाना से मुकेश रानी,साढौरा से शालिनी, कुंडली से शिमला, चुका से रेखा,राजौंद से बबीता, नांगल चौधरी से प्रिया सैनी,महम से भारती बतौर चेयरपर्सन आमजन की उम्मीद पर खरा उतरने के लिए प्रयासरत देखी जा सकती है। राज्य की ज्यादातर महिला अधिवक्ता भी भाजपा की महिलाओं के प्रति औंर भाजपा की राष्ट्रीय नेत्री सुनीता दुग्गल की महिला सशक्तिकरण अधिनियम पर बहस से प्रभावित होकर राष्ट्र और महिलाओं के हितार्थ अपना योगदान देने के लिए एक मंच बनाने की राह पर चल पड़ी है। हरियाणवी महिलाओं की बदल रही सोच से हरियाणा की राजनीतिक मानचित्र में भी बदलाव देखा जाने लगा है,जो भाजपा की महिला हितैषी सोच को दर्शाता है। वर्तमान में 90 विधानसभा क्षेत्रों वाली हरियाणा में तेरह महिला विधायक हैं, जिनमें से कलानौर से शकुंतला खटक, नांगल से मंजू चौधरी, मुलाना से पूजा, साढौरा से रेणुबाला, कालका से शक्ति रानी शर्मा, राई से कृष्णा गहलावत, हिसार से सावित्री जिंदल, झज्जर से गीता भुक्कल, जुलाना से विनेश फौगाट, तोशाम से श्रुति चौधरी,अटेली से आरती राव तथा नारायणगढ़ से शैली चौधरी विधायक हैं।

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