रामपुर: 50 से कम नामांकन वाले स्कूलों के मर्जर के विरोध में हुई बैठक, निर्णय का हर स्तर पर होगा विरोध

रामपुर, 1 जुलाई: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 50 से कम नामांकित छात्र संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों को बंद कर निकटवर्ती स्कूलों में मर्ज (पेयरिंग) करने की योजना के विरोध में शंकरपुर स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र सैनी की अध्यक्षता में प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न ग्रामों के प्रधान, विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य, शिक्षक और अभिभावक बड़ी संख्या में शामिल हुए।

ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र सैनी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि “कम छात्र संख्या के आधार पर स्कूलों को मर्ज करना गरीब, मजदूर और बेसहारा परिवारों के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने जैसा है।” उन्होंने सरकार से अपील की कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय को वापस लिया जाए।

ब्लॉक मंत्री मनोज कुमार ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि विद्यालयों की पेयरिंग की गई तो सरकार का शत-प्रतिशत साक्षरता लक्ष्य अधूरा रह जाएगा। वहीं, जिला मंत्री चारण सिंह (उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ) ने कहा कि “सरकार की मंशा परिषदीय विद्यालयों को धीरे-धीरे समाप्त करने की प्रतीत होती है। इससे गरीब तबके के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों का रुख करना होगा, जहां उनका आर्थिक और मानसिक शोषण होना तय है।”

ग्राम प्रधान अजय कुमार कश्यप और राजीव सिंह (ठाकुरद्वारा) ने भी मर्जर का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि “इस जनविरोधी निर्णय को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा और इसके विरुद्ध संघर्ष किया जाएगा।”

इस अवसर पर ब्लॉक कोषाध्यक्ष अमितेश झा, सौरभ शर्मा, ललित कुमार, मेजर सिंह, साकिब अली, प्रेमपाल, अनुसेंद्र चौहान, मुजीब कमाल समेत सैकड़ों शिक्षक, ग्राम प्रधान, विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य व अभिभावक उपस्थित रहे।

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