“अंधा बांटे रेवड़ी, फिर-फिर अपने को दे”: असेंबली स्पीकर के भाई देवेंद्र कल्याण बने स्टेट इलेक्शन कमिश्नर, उठे सवाल

हरियाणा विधानसभा के स्पीकर हरविंदर कल्याण के भाई और रिटायर्ड आईआरएस अधिकारी देवेंद्र कल्याण को राज्य चुनाव आयुक्त (State Election Commissioner) बनाए जाने पर विपक्ष और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

देवेंद्र कल्याण को इससे पहले डेपुटेशन पर लाकर एसीएस, एक्साइज एंड टैक्सेशन बनाया गया था। सेवा निवृत्त होने के बाद उनका नाम पर्यावरण मूल्यांकन प्राधिकरण (Environment Assessment Authority) के चेयरमैन पद के लिए भेजा गया था, लेकिन वह नाम खारिज हो गया। अब उन्हें सीधे संवैधानिक पद — राज्य चुनाव आयुक्त — पर नियुक्त किया गया है।

इस फैसले को लेकर विपक्ष ने सरकार की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आलोचकों का कहना है कि जब एक रिटायर्ड अफसर को बार-बार लाभ के पद दिए जा रहे हों और वह व्यक्ति सीधे विधानसभा स्पीकर का भाई हो, तो निष्पक्ष चुनाव करवा पाना कैसे संभव होगा?

प्रश्न यह भी उठ रहे हैं कि स्पीकर हरविंदर कल्याण स्वयं इस मामले में कितने निष्पक्ष रह पाएंगे, जब उनके परिजन को संवैधानिक जिम्मेदारी सौंपी गई हो।

यह नियुक्ति न केवल सत्ता पक्ष की ‘अपने लोगों को रेवड़ियां बांटने’ की नीति पर सवाल उठाती है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख और पारदर्शिता को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती है।

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