फर्जी पत्रकारों पर केंद्र सरकार की सख्ती: बिना RNI पंजीकरण वाले पोर्टल नहीं कर सकेंगे पत्रकारों की नियुक्ति, नहीं मिलेगा प्रेस कार्ड
नई दिल्ली (एम. पी. भार्गव): : भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फर्जी पत्रकारों और अवैध समाचार पोर्टलों पर शिकंजा कसने की दिशा में सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोई भी इंटरनेट आधारित न्यूज पोर्टल या ऑनलाइन समाचार चैनल, जो सरकारी पंजीकरण (RNI या सूचना प्रसारण मंत्रालय से) प्राप्त नहीं करता, पत्रकारों की नियुक्ति नहीं कर सकता, और प्रेस कार्ड जारी करने का अधिकार भी नहीं रखता।
प्रसारण मंत्री ने कहा कि कुछ फर्जी पोर्टलों और नकली पत्रकारों की वजह से ईमानदार और पेशेवर पत्रकारों की छवि धूमिल हो रही है और उन्हें मीडिया क्षेत्र में काम करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार के अनुसार —
केवल वही अखबार या पत्रिका, जो भारत सरकार के RNI (रजिस्ट्रार ऑफ न्यूज़पेपर्स फॉर इंडिया) से पंजीकृत हो,
या केवल वही टीवी/रेडियो चैनल, जो सूचना और प्रसारण मंत्रालय से मान्यता प्राप्त हो,
ही पत्रकार/संवाददाता की नियुक्ति कर सकते हैं और उनका संपादक ही वैध प्रेस कार्ड जारी कर सकता है।
मंत्रालय ने यह भी संकेत दिए हैं कि जो लोग बिना किसी वैध पंजीकरण के पोर्टल/चैनल चला रहे हैं, उनके विरुद्ध जल्द ही कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम पत्रकारिता के क्षेत्र को शुद्ध करने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिससे जनता को प्रमाणिक समाचार स्रोत मिल सकें और असली पत्रकारों को उनका सम्मान और अधिकार मिल सके।
