तिजारा में अज्ञात लोगों ने छोले-भटूरे की ठेली को लगाई आग, ₹2 लाख का नुकसान
20 वर्षों से लगाते थे ठेला, रातोंरात उजड़ा आशियाना
तिजारा, 11 जून: तिजारा में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहां अज्ञात लोगों ने वार्ड नंबर 10 निवासी महावीर सैनी की छोले-भटूरे की ठेली को आग के हवाले कर दिया। यह घटना सोमवार देर रात सरकारी अस्पताल के सामने दीवान वाला सर्कल के पास हुई, जिससे महावीर की ठेली और उस पर रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। अनुमानित नुकसान करीब ₹2 लाख बताया जा रहा है।
20 साल से ठेले पर चल रहा था परिवार का गुजारा
महावीर सैनी पिछले 20 वर्षों से छोले-भटूरे की रेहड़ी लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम करीब 4:30 बजे रोज की तरह ठेले को ताला लगाकर घर चले गए थे। जब मंगलवार सुबह 5:00 बजे वे लौटे तो पाया कि पूरी ठेली जलकर खाक हो चुकी थी।
रेहड़ी का सारा सामान जलकर हुआ नष्ट
आग में मुड़ढिया, प्लास्टिक स्टूल, लकड़ी की बेंच, तख्त, पानी के दो कैंपर, चार बाल्टियां, एक फ्रिज, सिल्वर का तसला, चिमटा, रिफाइंड के पीपे और तिरपाल जैसी सारी सामग्री जल गई। यह आगजनी महावीर के लिए आर्थिक तबाही बनकर आई है, क्योंकि यही उनकी आजीविका का एकमात्र सहारा था।
एफआईआर दर्ज, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
महावीर सैनी ने इस घटना की सूचना तिजारा थाने में दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि दोषियों की पहचान की जा सके।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग
घटना के बाद से क्षेत्र में रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही प्रशासन से आग्रह किया है कि मेहनतकश महावीर सैनी को आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे दोबारा अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।
यह घटना सिर्फ एक ठेलेवाले की नहीं, बल्कि मेहनत की कमाई पर हमला है। अब देखना यह है कि प्रशासन पीड़ित को कितना सहयोग प्रदान करता है।
