रामपुर: गौहत्या पर बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद – “करें जो गौमाता पर चोट, कैसे दें हम उसको वोट”

रामपुर के बिलासपुर स्थित गुजरैला गांव में रविवार को आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने गौहत्या के मुद्दे पर सरकारों को कठघरे में खड़ा करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत अब गौहत्या में विश्व में पहला स्थान प्राप्त कर चुका है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने “करें जो गौमाता पर चोट, कैसे दें हम उसको वोट” का नारा देते हुए देश की जनता से आह्वान किया कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग केवल उन नेताओं के समर्थन में करें जो गौमाता की रक्षा के लिए खड़े हों।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद माता महाकाली, महासरस्वती और खाटू श्याम बाबा की प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गोशालाओं की सरकारी योजनाएं असफल साबित हो रही हैं, इसलिए उन्होंने स्वयं चार हजार से अधिक गोधाम बनाने की योजना बनाई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी से पहले जिन कानूनों की बात की गई थी, वे आज तक लागू नहीं हो सके। “अंग्रेजों को इसलिए भगाया गया क्योंकि वे गौहत्या करते थे। तब कहा गया था कि आजादी के बाद पहली कलम से गौहत्या पर रोक लगेगी, लेकिन वह वादा आज भी अधूरा है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गोप्रियता आंदोलन कोई वोट बैंक की योजना नहीं है, बल्कि एक सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना का आंदोलन है। “जो नेता संसद या विधानसभा में जाकर गौहत्या पर चुप रहते हैं, वे केवल अपराधी ही नहीं, पापी भी हैं। और उन्हें वोट देने वाला भी उस पाप में भागीदार बनता है,” उन्होंने कहा।

अंत में उन्होंने कहा कि देश की जनता को अब स्पष्ट निर्णय लेना होगा कि वह गौमाता की रक्षा करने वालों को ही चुने, तभी देश की तस्वीर बदलेगी।

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