मथुरा, 29 मई: भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा अपने अनेक प्रसिद्ध मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां कान्हा के दर्शन के लिए हर दिन हजारों भक्त उमड़ते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मथुरा में एक ऐसा मंदिर भी है, जहां भगवान श्रीकृष्ण के साथ एक वृद्ध और बीमार बुढ़िया की भी पूजा होती है?
परिक्रमा मार्ग पर स्थित है यह अद्भुत मंदिर
यह अनोखा मंदिर मथुरा के परिक्रमा मार्ग में विश्राम घाट के पास अंतापारा क्षेत्र में स्थित है, जिसे श्री कुब्जा कृष्णा भाव मंदिर कहा जाता है। यह मंदिर आकार में भले ही छोटा हो, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था में इसका स्थान बहुत बड़ा है।
कौन थीं कुब्जा?
श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णित कथा के अनुसार, जब श्रीकृष्ण अपने मामा कंस का वध करने मथुरा आए थे, तब उन्हें रास्ते में एक वृद्ध, बीमार और पीठ में कूबड़ वाली महिला मिली। लोग उसके कूबड़ का मजाक उड़ाते थे। लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने दया दिखाते हुए उसका कूबड़ ठीक कर दिया और उसे सुंदरता प्रदान की।
कुब्जा का चमत्कार बना मंदिर की नींव
श्रीकृष्ण की कृपा से चमत्कारिक रूप से बदल चुकी उस वृद्धा की स्मृति में यह मंदिर बनवाया गया। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
मंदिर की धूल से ठीक होते हैं चर्म रोग
स्थानीय श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस मंदिर की रज यानी धूल शरीर पर लगाने से चर्म रोगों से मुक्ति मिलती है और सौंदर्य में भी वृद्धि होती है।
डिस्क्लेमर:
यह जानकारी सामाजिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है।
