सीतापुर: पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, मंदिर के पुजारी ने दी थी 4 लाख की सुपारी
34 दिन बाद पुलिस ने हाई प्रोफाइल मर्डर केस से उठाया पर्दा
- रिपोर्ट: मंजय वर्मा
सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में हुए पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने 34 दिनों की जांच के बाद कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो शूटर अभी भी फरार हैं।
दुष्कर्म की गवाही बना हत्या की वजह
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि राघवेंद्र बाजपेयी ने एक मंदिर में पुजारी शिवानंद बाबा को मंदिर परिसर में दुष्कर्म करते हुए देख लिया था, जिससे शिवानंद की बदनामी होना तय थी। बदनामी से बचने के लिए शिवानंद ने अपने करीबी निर्मल सिंह से बात की और हत्या की साजिश रच डाली।
4 लाख में दी गई थी सुपारी, शूटरों ने की हत्या
निर्मल सिंह ने असलम गाजी की मदद से दो शूटरों को राघवेंद्र की हत्या की सुपारी दी, जिसके लिए चार लाख रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद योजना के तहत पत्रकार की हत्या हेमपुर ओवरब्रिज पर कर दी गई, जो पड़रखा चौकी क्षेत्र में आता है।
तीन गिरफ्तार, दो शूटर फरार
पुलिस ने पुजारी शिवानंद बाबा, निर्मल सिंह, और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि गोली मारने वाले दो शूटर अभी फरार हैं। पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच की तीन टीमों और एसटीएफ की सात टीमें गठित की हैं, जो नोएडा और आसपास के इलाकों में डेरा डाले हुए हैं।
हाईवे के 50 कैमरों और मोबाइल डेटा से मिला सुराग
हत्याकांड की जांच में पुलिस ने हाईवे पर लगे 50 कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली और घटना के समय के एक घंटे की फुटेज को खंगाला। इसके अलावा, घटनास्थल पर एसटीएफ की टीम ने पहुंचकर सक्रिय मोबाइल फोन की लोकेशन और 16 अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर हत्या की गुत्थी सुलझाई।
जांच में जुटी 15 टीमें, जल्द होगी बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी
इस हत्याकांड की जांच में पुलिस की 15 टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर कार्य कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि फरार शूटरों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे मामले की चार्जशीट जल्द न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी।
