अगर बाढ़ का पानी शराब बन जाए और बाढ़ में तैरते गोसे समोसे बन जाए तो जीने का मजा आ जाए……..

गुस्ताखी माफ़ हरियाणा- पवन कुमार बंसल

हरियाणा, विशेषकर पुराना रोहतक (जिसमें सोनीपत और झज्जर ज़िले भी शामिल थे), अपने ज़िंदादिल और हंसमुख लोगों के लिए जाना जाता है। यहां के लोग आपदा के समय भी अपनी हिम्मत और मज़ाकिया अंदाज बनाए रखते हैं।

तीन दशक पहले जब रोहतक ज़िले के महम क्षेत्र में भीषण बाढ़ आई थी, तब वहां के लोगों ने संकट में भी हौसला बनाए रखा। तत्कालीन एसडीएम बिधान साहिब (जो अब गुरुग्राम के कमिश्नर हैं) नाव में बैठकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे थे। इस दौरान, उन्होंने एक बुजुर्ग को मकान की दूसरी मंजिल पर बैठे देखा और हालचाल पूछा। जवाब में बुजुर्ग ने मुस्कुराते हुए कहा –

“वैसे तो सब ठीक है, लेकिन अगर बाढ़ का पानी शराब बन जाए और उसमें तैर रहे गोशे (पकौड़े) समोसे बन जाएं, तो ज़िंदगी का असली मज़ा आ जाए!”

यह एक उदाहरण है कि हरियाणा के लोग किस तरह विपरीत परिस्थितियों में भी मज़ाक और खुशमिज़ाजी से जीवन जीते हैं। प्रसिद्ध पत्रकार प्रभाष जोशी भी हरियाणवी लोगों की इसी विशेषता को रेखांकित करते हुए कहते थे –

“और लोग तो सब पर मज़ाक कर लेते हैं, लेकिन हरियाणा के लोग खुद पर मज़ाक करवाने का भी माद्दा रखते हैं।”

तब हरियाणा सरकार ने बाढ़ के बाद रोहतक ज़िले में विशेष रूप से टी.वी.एस.एन. प्रशाद को डीसी फ्लड नियुक्त किया था। इस घटना से यह साफ होता है कि हरियाणा के लोग मुश्किलों को भी हंसी-मजाक से पार कर लेते हैं और अपनी ज़िंदादिली से हर परिस्थिति को संभाल लेते हैं।

 

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