बदायूँ: गुलफाम को इंसाफ दिलाने में हर संभव मदद करेंगेः पूर्व मंत्री आबिद रजा

गुलफाम गरीब और बेसहारा था, इसलिए न्याय की उम्मीद कम थी

बदायूँ: पूर्व मंत्री आबिद रजा ने गुलफाम के आत्मदाह प्रकरण पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उसे न्याय दिलाने के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। गुलफाम, जो गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था, ने 1 जनवरी 2025 को बदायूँ एसएसपी कार्यालय के बाहर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया था। 70% जलने के कारण 12 दिन के इलाज के बाद आज उसने बरेली के राममूर्ति अस्पताल में दम तोड़ दिया।

गुलफाम का संघर्ष और आत्मदाह की वजह
गुलफाम ने आत्मदाह के प्रयास के बाद इलाज के दौरान एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उसने न्याय न मिलने को आत्मदाह की वजह बताया था। गुलफाम की मां ने भी पुलिस की लापरवाही की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर थाना कोतवाली पुलिस ने उसकी शिकायत सुनी होती, तो यह घटना टल सकती थी।

पुलिस प्रशासन की कार्रवाई
गुलफाम की आत्मदाह की घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना कोतवाली के एसएचओ को निलंबित कर दिया और सीओ सिटी का ट्रांसफर कर दिया। साथ ही, गुलफाम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया।

समाजवादी पार्टी का डेलीगेशन और आबिद रजा की पहल
8 जनवरी 2025 को समाजवादी पार्टी के निर्देश पर एक डेलीगेशन राममूर्ति अस्पताल पहुंचा और गुलफाम की गंभीर हालत की रिपोर्ट दी। इसके बाद, पूर्व मंत्री आबिद रजा खुद गुलफाम के परिजनों से मिलने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने गुलफाम की मां और भाई से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

एसएसपी की तारीफ और पुलिस सुधार की अपील
गुलफाम की मां ने एसएसपी बदायूँ की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने गुलफाम का इलाज कराने में हर संभव मदद की। हालांकि, थाना कोतवाली पुलिस की लापरवाही पर दुख व्यक्त किया। आबिद रजा ने मीडिया के माध्यम से एसएसपी से अपील की कि जिन लोगों ने गुलफाम को आत्मदाह के लिए मजबूर किया, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

गरीबों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की मांग
पूर्व मंत्री ने जिले के सभी थाना अध्यक्षों को निर्देश देने की मांग की कि गरीबों और बेसहारा लोगों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में गुलफाम जैसी घटनाएं न हों।

गुलफाम को न्याय दिलाने का संकल्प
आबिद रजा ने कहा कि वह वरिष्ठ अधिवक्ताओं से सलाह लेकर गुलफाम के लिए न्याय सुनिश्चित करेंगे। थाने से लेकर अदालत तक हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे ताकि दोषियों को सजा मिल सके और गुलफाम को न्याय मिले।

गुलफाम की आत्मदाह की घटना प्रशासन और समाज के लिए एक चेतावनी है। पूर्व मंत्री आबिद रजा ने इसे न्याय और पुलिस सुधार का मुद्दा बनाते हुए गरीब और वंचित वर्ग की आवाज बनने का वादा किया है।

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