दिल्ली, नोएडा के बाद मेरठ में भी बंद रहेंगे स्कूल, ऑनलाइन चलेंगी 12वीं तक की कक्षाएं, ग्रेप-4 लागू

मेरठ में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। इस स्थिति को देखते हुए डीएम दीपक मीणा ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के चौथे चरण को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब 19 नवंबर से जिले के सभी स्कूल बंद रहेंगे और ऑनलाइन कक्षाएं चलाई जाएंगी।

ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन
जिले के सभी प्राथमिक से लेकर 12वीं तक के स्कूलों में कक्षाएं ऑनलाइन होंगी।
किसी भी विद्यालय में ऑफलाइन कक्षाएं नहीं होंगी। इसका मतलब है कि छात्र स्कूल नहीं आएंगे।
अगर किसी स्कूल में परीक्षा निर्धारित है, तो वह निरस्त कर दी जाएगी और परीक्षा को विद्यालय खुलने पर आयोजित किया जाएगा।

सख्ती से पालन का आदेश
डीएम दीपक मीणा ने जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, अपर नगर मजिस्ट्रेट और एसडीएम को इन आदेशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे इस आदेश को पूरी तरह से लागू करवाने के लिए निगरानी रखें।

दिल्ली और नोएडा में भी लागू
यह निर्णय दिल्ली, गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद के बाद मेरठ में लिया गया है, जहां प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ चुका है। इन सभी क्षेत्रों में भी ग्रेप-4 लागू किया गया है और स्कूलों को बंद कर दिया गया है।

क्‍या है ग्रेप-4?
ग्रेप का चौथा चरण प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए लागू किया जाता है, जिसमें कड़ी पाबंदियां लागू होती हैं जैसे कि स्कूलों का बंद होना, निर्माण कार्यों पर रोक, ट्रकों की आवाजाही पर प्रतिबंध और वाहनों के प्रदूषण को नियंत्रित करना आदि।

प्रदूषण का संकट
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण का स्तर जानलेवा हो सकता है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
कई शहरों में सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
इस फैसले से मेरठ के छात्रों और अभिभावकों को राहत मिल सकती है, क्योंकि प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण खुले में अधिक समय बिताना जोखिमपूर्ण हो सकता है।

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