अमृतसर के दुर्गयाना तीर्थ के बड़ा हनुमान मंदिर में लंगूर मेला शुरू, श्रद्धालु बच्चों को लंगूर वेश में लेकर पहुंचे

  • रिपोर्टः ललित शर्मा

पंजाब के अमृतसर स्थित बड़ा हनुमान मंदिर में हर साल की तरह इस बार भी नवरात्र के पहले दिन से विश्व प्रसिद्ध लंगूर मेला शुरू हो गया है। मेले में श्रद्धालु अपनी मुराद पूरी होने पर अपने बच्चों को लंगूर की वेशभूषा में सजा कर मंदिर पहुंचते हैं। नवजात शिशु से लेकर नौजवान तक लंगूर के रूप में सजकर माता-पिता के साथ आ रहे हैं।

श्रद्धालुओं का मानना है कि बेटे की मुराद पूरी होने पर वे अपने बच्चों को लंगूर रूप में मंदिर में लेकर आते हैं और इस व्रत के दौरान सख्त नियमों का पालन करते हैं। मंदिर में माथा टेकते हुए वे प्याज, लहसुन और कटी हुई चीजें नहीं खाते और नंगे पांव रहते हैं।

बड़ा हनुमान मंदिर, जो दुर्गयाना तीर्थ में स्थित है, के बारे में मान्यता है कि यहां हनुमान जी की प्रतिमा अपने आप प्रकट हुई थी। कथा के अनुसार, जब भगवान राम ने अश्वमेध यज्ञ का घोड़ा छोड़ा था, तब लव और कुश ने इस स्थान पर घोड़े को पकड़ा और उसे बरगद के पेड़ से बांध दिया। हनुमान जी ने उसे छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन लव और कुश ने उन्हें भी बंदी बना लिया और यहीं पर हनुमान जी की प्रतिमा प्रकट हुई।

इस मेले के दौरान लंगूर बने बच्चे और उनके परिजन मंदिर में आकर प्रतिदिन पूजा अर्चना करते हैं। हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पहुंच रहे हैं, जिनकी मन्नतें पूरी हुईं, वे विशेष तौर पर लंगूर वेश में बच्चों को लेकर माथा टेकने पहुंचे।

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