जिन्दगी की जंग को बचाने के लिए दौड़ते रहे अफ़सर*

रामपुर।. सोमवार शाम सैफनी में मिट्टी का परिवहन करते डंपर से एक युवक बाइक सहित टकरा गया, बिना हेलमेट के बाइक चलाते युवक को सर पर गंभीर चोटों के अलावा शरीर के अन्य भागों में सामान्य चोटे आई, जिससे सर से खून बह रहा था, लेकिन अस्पताल पहुंचाने के स्थान पर लोग तमाशबीन बन युवक की मृत्यु पर अफ़सोस जता वीडियोग्राफी कर रहे थे, तभी पुलिस को सूचना प्राप्त हुई, जिन्होंने सांस चलती जान जीवित युवक को तत्काल सीएससी में भर्ती कराया। सीएससी पर पहले ही एसडीएम और सीओ शाहबाद पहुंच चुके थे। शिफ्ट समाप्त कर जाने वाले डाक्टरों को रोका गया, डॉक्टरों की टीम ने प्रारंभिक उपचार देकर मरीज़ को स्टेबल किया, परंतु हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए थे। तत्काल एंबुलेंस में ऑक्सीजन लगा घायल को जिला चिकित्सालय रामपुर रेफर किया गया। पता चला कि बीच रास्ते में रामगंगा पुल के पास एक पलटे हुए वाहन को निकालने आई हाइड्रा से ट्रैफिक बाधित है, फॉलो अप पर प्राप्त इस सूचना पर सीएससी से एसडीएम और सीओ शाहबाद तत्काल उस स्थल पर पहुंचे और यातायात क्लीयर करा एंबुलेंस को आगे बढ़ाया।

मरीज़ सकुशल रामपुर जिला चिकित्सालय में पहुंचा कर भर्ती कराया गया। इस चालक की किस्मत अच्छी थी, जो हर जगह उसको मदद मिलती गई। लेकिन शायद और लोगों की किस्मत इतनी बेहतर ना हों, तो फिर आखिर कब लोग समझेंगे कि *हेलमेट पहनना है जरूरी, ना कि मजबूरी* दुर्घटना में हर बार मृत्यु का कारण हल्के वाहन चालकों के लिए सिर की चोट बनती है। इसके लिए नियमित अन्तराल पर ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस द्वारा जागरुकता अभियान चलाकर चालान तक काटे जाते है। लेकिन पुलिस को गच्चा देकर लोग मौत की तरफ़ यू टर्न ले लेते है, क्योंकि हम तो ऐसे ही हैं, नियम जानेंगे तो लेकिन मानेंगे नही, हमारे लिए नियम वाला हेलमेट महंगा है और सिर की चोट वाली मौत सस्ती।

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