जरूरत पड़ी तो हमास के खिलाफ अकेले युद्ध लड़ेगा इस्राइल- नेतन्याहू

नई दिल्ली। बीते सात महीने से गाजा पट्टी में जारी भीषण जंग के बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इस्राइल अकेले ही हमास के खिलाफ युद्ध लड़ता रहेगा।

बाइडन ने क्या कहा था
दरअसल नेतन्याहू का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के उस पर बयान के बाद सामने आया है जिसमें बाइडन कह रहे है कि वह उन आक्रामक हथियारों की आपूर्ति नहीं करेगें जिनका इस्तेमाल इस्राइल गाजा में हमास के अंतिम गढ़ रफाह पर चौतरफा हमला करने के लिए कर सकता है।

रफाह में हमले के लिए हमारे पास जरूरी हथियार: आईडीएफ
हालांकि इस्राइली सेना ने कहा है कि उसके पास गाजा के दक्षिणी शहर रफाह में अपने हमलों को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी हथियार हैं। इस्राइली सुरक्षा बल (आईडीएफ) के प्रवक्ता डैनियल हगारी से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवाल किया गया कि क्या सेना अमेरिकी हथियारों के बिना अभियान चला सकती है। इस पर हगारी ने कहा, सेना के पास उन अभियानों के लिए सभी हथियार हैं, जिनकी वह योजना बना रहा है। रफाह में अभियान के लिए भी हमारे पास वह सभी हथियार हैं, जो हमें चाहिए।

नहीं हुआ समुद्री घाट का निर्माण
गाजा के तट पर अमेरिका ने अस्थायी समुद्री घाट का अब तक निर्माण नहीं किया है। लेकिन एक प्राथमिक चिकित्सा जहाज उस प्रस्तावित घाट के लिए तड़के रवाना हुआ। यह भी स्पष्ट नहीं है कि गलियारा कब बनेगा और कब चालू होगा। मानवीय समूहों का कहना है कि युद्ध से तबाह भूखे फलस्तीनियों को भोजन हासिल करने में अभी भी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

भूख का सामना कर रही फलस्तीन की ज्यादातर आबादी
साइप्रस ने जहाज के प्रस्थान की घोषणा की। हालांकि, अमेरिकी सेना ने अभी तक इस स्थायी घाट को नहीं बनाया है। ऐसे में सवाल बना हुआ है कि मदद कैसे वितरित की जाएगी। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि 23 लाख फलस्तीनियों में से ज्यादातर भूख का सामना कर रहे हैं। उत्तरी घाजा पहले से पूर्ण अकाल का सामना कर रहा है।

 

 

 

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