होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 1500 जहाज बने नई चिंता, वैज्ञानिकों ने समुद्री जैव विविधता पर जताया खतरा
- रिपोर्ट: सुरजीत सिंह
दुबई। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय से खड़े वाणिज्यिक जहाज अब पर्यावरणीय चिंता का विषय बन गए हैं। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि महीनों तक एक ही स्थान पर खड़े रहने से इन जहाजों के निचले हिस्सों पर पनप रहे समुद्री जीव भविष्य में वैश्विक समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं।
बायोफाउलिंग से बढ़ी चिंता
रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में बड़ी संख्या में व्यापारिक जहाज लंबे समय से रुके हुए हैं। जहाजों के पानी में डूबे हिस्सों पर काई, बार्नकल, शंख और अन्य समुद्री जीवों की परत जम गई है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ‘बायोफाउलिंग’ कहा जाता है।
मैरीलैंड विश्वविद्यालय और वुड्स होल ओशनोग्राफिक इंस्टीट्यूशन के वैज्ञानिकों के शोध में कहा गया है कि यदि ये जहाज बाद में दुनिया के अलग-अलग बंदरगाहों तक पहुंचते हैं, तो इनके साथ विदेशी समुद्री प्रजातियां भी नए क्षेत्रों में फैल सकती हैं। इससे स्थानीय समुद्री जैव विविधता प्रभावित होने की आशंका है।
विदेशी प्रजातियों के फैलने का खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक जहाजों पर चिपके रहने वाले समुद्री जीव दूसरे देशों के तटीय क्षेत्रों में पहुंचकर वहां की स्थानीय प्रजातियों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। अतीत में एशियन ग्रीन मसल जैसी आक्रामक समुद्री प्रजातियों के फैलाव से कई क्षेत्रों की समुद्री जैव विविधता प्रभावित हो चुकी है।
ईंधन खपत और प्रदूषण भी बढ़ता है
इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) के अनुसार, जहाजों के निचले हिस्से पर जमा जैविक परत घर्षण बढ़ा देती है, जिससे जहाजों की गति कम होती है और ईंधन की खपत बढ़ जाती है। इससे ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन भी बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बार्नकल जैसी कठोर परतें बनने पर ईंधन की खपत में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
सफाई अभियान पर बढ़ा खर्च
अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के तहत लंबे समय तक खड़े जहाजों की नियमित सफाई आवश्यक होती है। इसके लिए विशेष गोताखोर जहाजों के निचले हिस्सों से जमी परत को हटाने का काम कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रक्रिया की लागत में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है और प्रत्येक जहाज की सफाई पर हजारों डॉलर का खर्च आ रहा है।
शोधकर्ताओं की अपील
वैज्ञानिकों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि जहाजों पर बढ़ते बायोफाउलिंग की समस्या से निपटने के लिए समन्वित कदम उठाए जाएं। उनका मानना है कि समय रहते प्रभावी उपाय नहीं किए गए तो समुद्री जैव विविधता, बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे और वैश्विक समुद्री परिवहन पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है।
नोट: इस रिपोर्ट में अमेरिका-ईरान संघर्ष, जहाजों की संख्या और अन्य दावे मूल स्रोत के आधार पर हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
