रुस्तम ए हिंद दारा सिंह की जयंती पर कुश्ती दंगल का आयोजन

"500 कुश्तियों में अजेय रहे दारा सिंह युवाओं के लिए प्रेरणा" – बाबा परमेंद्र आर्य

रुस्तम ए हिंद और विश्व विजेता पहलवान दारा सिंह रंधावा की जयंती पर उत्तर प्रदेश के रोरी गांव स्थित महाराजा सूरजमल अखाड़े में भव्य कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। दंगल की शुरुआत दारा सिंह के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर और दीप प्रज्वलित करके की गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि ब्रजवीर चौधरी (सदरपुर) और अध्यक्ष मास्टर इंद्रपाल राठी को सम्मानित किया गया।

दंगल में लड़कों और लड़कियों ने दिखाई प्रतिभा
दंगल में देशभर से आए प्रतिभाशाली पहलवानों ने भाग लिया। लड़कों और लड़कियों दोनों की कुश्तियां कराई गईं। लगभग 20 कुश्तियां आयोजित की गईं, जिनके विजेताओं को पदक और नकद राशि देकर सम्मानित किया गया।

दारा सिंह: प्रेरणा के स्रोत
अखाड़े के संचालक और श्योराण खाप उत्तर प्रदेश के चौधरी बाबा परमेंद्र आर्य ने बताया, “रुस्तम ए हिंद दारा सिंह ने अपने जीवन में 500 कुश्ती मुकाबले लड़े और सभी में विजयी रहे। उनके सम्मान में हर साल यह दंगल आयोजित किया जाता है।”

दंगल के अध्यक्ष इंद्रपाल राठी ने अपने संबोधन में कहा, “दारा सिंह ने युवाओं को पहलवानी के प्रति प्रेरित किया। 60-70 के दशक में उनके आदर्श से लाखों युवाओं ने कुश्ती शुरू की। वे अपने समय के सर्वश्रेष्ठ पहलवान थे और कभी पराजित नहीं हुए। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में उनके नाम पर कुश्ती हॉल बनाया गया है, जिसका उद्घाटन उन्होंने स्वयं किया था।”

स्वस्थ जीवन और खेलों का महत्व
दंगल में वक्ताओं ने माता-पिता से अपने बच्चों को खेलों की ओर प्रेरित करने का आग्रह किया ताकि वे नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवन जी सकें। साथ ही सक्षम नागरिकों से दंगल के आयोजन में सहयोग देने की अपील की गई।

सफल आयोजन में सहयोगियों का योगदान
इस आयोजन में रेफरी दीपक अमराला और आयोजकों पवन चौधरी, सुमित शर्मा, ताऊ राजेंद्र, पप्पी नेहरा, अभिषेक पहलवान खंजरपुर, नरेंद्र श्योराण, दुष्यंत चौधरी, मनोज कुमार, निजाम खलीफा, और अमरजीत का विशेष योगदान रहा।

दंगल में क्षेत्रीय दर्शकों और पंचायती सदस्यों का भी सम्मान किया गया। इस आयोजन ने क्षेत्र में खेलों और परंपरा के प्रति नया उत्साह भर दिया।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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