विश्व लिवर दिवस: क्यों ज़रूरी है लिवर का ख्याल रखना? जानिए जांच की अहमियत और सावधानियां
लिवर क्यों है हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी?
नई दिल्ली: लिवर हमारे शरीर में रोज़ाना 500 से ज्यादा जरूरी कार्य करता है—जैसे विषैले तत्वों को छानना, वसा को तोड़ना, पाचन में मदद करना और इम्यूनिटी को मजबूत बनाना। इसके बावजूद अक्सर लोग लिवर की सेहत को तब तक नज़रअंदाज करते हैं, जब तक समस्या गंभीर न हो जाए। एक स्वस्थ लिवर हमारे शरीर की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाए रखता है और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचाता है।
लिवर स्क्रीन मीटर: जानिए आपकी लिवर हेल्थ का स्तर
अब आप अपनी लिवर की स्थिति को Liver Screen Meter के माध्यम से आसानी से जांच सकते हैं। इसमें केवल 16–17 सवालों के जवाब देने होते हैं, जिसके आधार पर आपका रिस्क लेवल तय किया जाता है—लो रिस्क, मीडियम रिस्क या हाई रिस्क। उसके अनुसार आपको जरूरी लिवर टेस्ट पैनल और सलाह दी जाती है।
समय पर जांच से मिलती है बेहतर सुरक्षा
लिवर रोग अक्सर बिना किसी लक्षण के शुरू होते हैं। जब तक थकान, पेट फूलना या पीलिया जैसे लक्षण दिखाई दें, तब तक बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है। ऐसे में जल्दी जांच ही सबसे कारगर उपाय है। लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) के जरिए फैटी लिवर, हेपेटाइटिस या सिरोसिस जैसी समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है।
किन लोगों को लिवर स्क्रीनिंग करानी चाहिए?
हर कोई लिवर समस्या से प्रभावित हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए:
- उम्र 30 वर्ष से अधिक
- मोटापा, डायबिटीज या हाई कोलेस्ट्रॉल
- नियमित शराब सेवन
- लिवर रोग का पारिवारिक इतिहास
- हेपेटाइटिस वायरस के संपर्क में आना
ऐसे लोगों को नियमित लिवर फंक्शन टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है।
सामान्य लिवर रोग जिनसे आपको सतर्क रहना चाहिए
- फैटी लिवर (NAFLD) – मोटापा या डायबिटीज के कारण लिवर में वसा का जमाव।
- हेपेटाइटिस A, B, C – वायरल संक्रमण जो लिवर में सूजन पैदा करते हैं।
- सिरोसिस – लंबे समय तक हुए नुकसान के कारण लिवर का स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त होना।
- लिवर कैंसर – अक्सर सिरोसिस या क्रोनिक हेपेटाइटिस से जुड़ा होता है।
नियमित जांच और जीवनशैली में सुधार से इन रोगों से बचा जा सकता है।
लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) की तैयारी कैसे करें?
- भूखे रहने की जरूरत नहीं – बेसिक LFT के लिए फास्टिंग नहीं करनी होती।
- पानी पिएं – हेपेटाइटिस A, B, C टेस्ट से पहले पर्याप्त पानी पीएं।
- शराब से बचें – सैंपल देने से 24–48 घंटे पहले शराब का सेवन न करें।
- दवाइयों की जानकारी दें – किसी भी चल रही दवा की जानकारी लैब को अवश्य दें।
- शांत रहें, आराम करें – शरीर का आरामदायक स्थिति में होना अधिक सटीक परिणाम देता है।
क्यों चुनें मेट्रोपोलिस लैब्स?
लिवर की सेहत के लिए सटीक जांच सबसे अहम है। Metropolis Labs में आपको मिलती है:
- NABL-प्रमाणित जांच की सटीकता
- अनुभवी विशेषज्ञों की टीम
- डोरस्टेप सैंपल कलेक्शन
- झंझट-मुक्त और भरोसेमंद सेवाएं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. लिवर की सेहत क्यों जरूरी है?
लिवर शरीर के विषैले तत्वों को छानने, पाचन में सहायता करने और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने का काम करता है। लिवर खराब होने पर कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
2. लिवर रोग के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
शुरुआत में कोई खास लक्षण नहीं होते, लेकिन थकान, त्वचा या आंखों में पीलापन, वजन कम होना और पेट में असहजता इसके संकेत हो सकते हैं।
3. किन लोगों को LFT कराना चाहिए?
जो लोग शराब पीते हैं, मोटापे से ग्रस्त हैं, लिवर रोग का पारिवारिक इतिहास है या थकान/पीलिया जैसे लक्षण महसूस करते हैं, उन्हें LFT करवाना चाहिए।
4. LFT में क्या जांच होती है?
यह जांच खून में मौजूद एंजाइम्स और प्रोटीन को मापती है, जिससे लिवर की कार्यक्षमता का पता चलता है और सूजन या क्षति का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
5. लिवर की जांच कितनी बार करानी चाहिए?
जिन्हें जोखिम है, उन्हें हर साल जांच करानी चाहिए। बाकी लोग हर 2–3 साल में एक बार जांच करा सकते हैं।
इस विश्व लिवर दिवस, अपने लिवर की सेहत के लिए जागरूक हों और समय रहते जांच कराएं—क्योंकि अच्छी सेहत की जड़, एक स्वस्थ लिवर है।
