लखीसराय में सुरक्षित मातृत्व आश्वासन योजना पर कार्यशाला,गर्भवती महिलाओं और नवजातों को मुफ्त व सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करने पर फोकस

लखीसराय(सरफराज आलम): सदर अस्पताल, लखीसराय के सभागार में सोमवार को सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) कार्यक्रम को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता सिविल सर्जन-सह-सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति लखीसराय ने की। कार्यशाला की शुरुआत में सिविल सर्जन ने कहा कि सरकार द्वारा शुरू की गई सुमन योजना का उद्देश्य महिला और शिशु मृत्यु दर को कम करना और गर्भवती महिलाओं, प्रसूता माताओं एवं नवजात शिशुओं को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है।बैठक में प्रभारी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी-सह-जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था से लेकर प्रसव के छह महीने बाद तक किसी भी प्रकार का खर्च नहीं देना पड़ता।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत पहली तिमाही में चार ANC जाँच सुनिश्चित की जाती है। सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क प्रसव, सी-सेक्शन सुविधा, दवाइयाँ, परीक्षण, रक्त की उपलब्धता और प्रसव के दौरान सम्मानजनक देखभाल पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

बीमार नवजात शिशुओं के लिए भी शून्य लागत पर इलाज और टीकाकरण की व्यवस्था है।जिला योजना समन्वयक सुनील कुमार शर्मा ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के माध्यम से जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी गर्भवती महिला को सरकारी स्वास्थ्य सेवाएँ देने से इनकार नहीं किया जा सकता। सभी अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और लाभार्थियों को सम्मानजनक सेवा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

Workshop on Safe Motherhood Assurance Scheme in Lakhisarai, focus on ensuring free and respectful health services to pregnant women and newborns

योजना की विशेषताओं में निःशुल्क परिवहन सुविधा भी शामिल है, जिसके तहत गर्भवती महिलाओं को घर से स्वास्थ्य केंद्र तक लाने और उपचार के बाद वापस घर पहुँचाने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है।सरकार का कहना है कि सुमन योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी गर्भवती महिला या नवजात स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे, जिससे मातृ और शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके।बैठक में जिला संचारी रोग पदाधिकारी, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक तथा गैर संचारी रोग पदाधिकारी ने यक्ष्मा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप व अस्पतालों में दी जा रही अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर जानकारी साझा की।कार्यशाला में सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी,जिला कार्यक्रम प्रबंधक (जीविका),सभी प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, आंगनबाड़ी (आईसीडीएस) के प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी तथा शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.