नई दिल्ली— कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया है कि क्या वह अब संसद के मानसून सत्र में ‘पाहलगाम हमले के बाद देश की सुरक्षा व्यवस्था और विदेश नीति से जुड़ी चुनौतियों’ पर पूर्ण बहस को मंजूरी देंगे।
बुधवार को कांग्रेस ने यह मांग ऐसे समय पर उठाई है जब प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में सात संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के सदस्यों से मुलाकात की, जो पिछले कुछ हफ्तों में दुनिया की कई राजधानियों में भारत का संदेश देने गए थे। ये संदेश आतंकवाद के उन्मूलन और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की नीति को लेकर था।
कांग्रेस ने यह भी पूछा कि क्या प्रधानमंत्री कम से कम सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की एक या एक से अधिक बैठकें बुलाकर उन्हें चीन और पाकिस्तान को लेकर भारत की भावी रणनीति पर भरोसे में लेंगे।
पार्टी ने कहा कि देश गंभीर सुरक्षा और कूटनीतिक चुनौतियों के दौर से गुजर रहा है, ऐसे में राष्ट्रीय सहमति और पारदर्शिता ज़रूरी है। विपक्षी दलों का यह भी कहना है कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और वहां इस विषय पर खुली बहस होनी चाहिए।
