Gustakhi Maaf Haryana- Pawan Kumar Bansal
By our enlightened reader Vinod Bansal advocate Jind.बड़ा सवाल🤔🤔
हालात😡
महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया पुलिस से छात्राओं की सिक्योरिटी के बारे में बात कर रही थीं, तभी प्रोग्राम में मौजूद एक महिला पुलिसकर्मी ने उनसे सवाल किया- ‘देर रात जब ये छात्राएं अपने लड़के दोस्तों के साथ शराब पी रही होती हैं तो उस समय क्या किया जाए? इसके बाद ये छात्राएं शराब के नशे में ही अपने हॉस्टल जाती हैं। अगर पुलिस उस समय इनसे कुछ कहती-पूछती है तो छात्राएं खुद को बालिग बताती हैं और अपने निजी जीवन में पुलिस के इस दखल पर एतराज जताती हैं। ऐसे में हम क्या करें?’
महिला पुलिसकर्मी का सवाल सुनकर पहले तो महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया हैरान रह गईं। फिर उन्होंने प्रोग्राम में ही मौजूद छात्राओं से इस बारे में पूछा तो 2 स्टूडेंट आगे आईं और कहा- ‘अगर हम अपने दोस्तों के साथ शराब-सिगरेट पीती हैं तो इसमें क्या गलत है?’
इस पर भाटिया ने छात्राओं को समझाते हुए कहा- बेटा, वे ऐसे में लिबर्टी लेते हैं। ऐसे ही हालात में आगे चलकर अपराध की घटनाएं होती हैं, जिसके बाद पुलिस और आयोग की जिम्मेदारी बन जाती है।
अक्सर ड्रिंक करती हैं लड़कियां: आयोग को पुलिस टीम ने बताया कि कैंपस के आसपास के एरिया में अक्सर लड़कियां शराब पीती हैं। इतना ही नहीं, जब इन लड़कियों को रोका जाता है तो वे खुद को 18 प्लस बताते हुए उन्हें ही उल्टा ज्ञान देने लग जाती हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा के लिए पुलिस रात भर चक्कर काटती रहती है।
भविष्य में मेडिकल करवाया जाएगा: चंडीमंदिर थाना SHO रामपाल सिंह ने बताया कि उनकी टीमें रात को भी गश्त करती हैं, लेकिन रात के समय PCR व राइडर टीम के सामने ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिसका जिक्र महिला पुलिसकर्मी ने आयोग अध्यक्षा के समक्ष किया था। रात के समय बेटियों को भी खुद थोड़ा ध्यान रखना चाहिए। अगर भविष्य में कोई स्टूडेंट शराब के नशे में मिला तो उसका मेडिकल करवाया जाएगा।
हॉस्टल में भी पकड़ी जा चुकी छात्रा: शराब के नशे में हॉस्टल में पहुंची एक छात्रा पकड़ी भी जा चुकी है। संस्थान ने करीब एक महीने पहले ही एक छात्रा को शराब के नशे में पकड़ा था, जिसके बाद उसके परिजनों को सूचित किया गया और 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।
NIFT के निदेशक अमन ग्रोवर ने कहा कि ऐसे मामलों में पहली बार पकड़े जाने पर 10 हजार रुपए जुर्माना है और दूसरी बार में ऐसे स्टूडेंट को रेस्टिकेट करने का प्रावधान है। एक छात्रा शराब के नशे में हॉस्टल आई थी, तो उस पर जुर्माना लगाने के साथ ही परिवार को सूचित किया गया था।
