पंजाब में बदला मौसम, तेज बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की बढ़ी चिंता
पकी हुई गेहूं की फसल पर संकट, “पुत्रों की तरह पाली फसल बर्बाद होने का डर”किसानों का दावा—लगातार खराब मौसम से पैदावार पर पड़ेगा भारी असरसरकार से मुआवजे की मांग, वाहेगुरु से फसल बचाने की अरदास
पंजाब के विभिन्न इलाकों में अचानक मौसम ने करवट ले ली है। तेज बारिश, आंधी और कई जगहों पर ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर गेहूं की फसल इस समय पूरी तरह पककर तैयार खड़ी है, ऐसे में बारिश का यह दौर किसानों के लिए मुसीबत बनता नजर आ रहा है। खेतों में खड़ी फसल पर मौसम की मार पड़ने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
गांव रियाड के किसान जगजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी गेहूं की फसल को बच्चों की तरह पाला है, लेकिन अब मौसम को देखकर डर लग रहा है कि कहीं सब कुछ बर्बाद न हो जाए। उनका कहना है कि पहले भी प्राकृतिक आपदाओं ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है और अब फिर वही हालात बनते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण गेहूं के दाने काले पड़ने लगे हैं, जिससे पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है।
गांव रियाड़ के सरपंच इकबाल सिंह ने कहा कि मौजूदा हालात किसानों के लिए बेहद गंभीर हैं। उन्होंने बताया कि इस समय अगर लगातार बारिश और ओले पड़ते हैं तो फसल की पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा। पहले ही बाढ़ जैसी आपदाओं ने किसानों को कमजोर कर दिया है, और अब यह नई मार उन्हें और संकट में डाल रही है। उनका कहना है कि खुले में पड़ी फसल हर समय खतरे में है और मौसम का हर बदलता रूप किसानों के दिल की धड़कन बढ़ा देता है।
किसानों का कहना है कि अब उनके पास केवल भगवान से प्रार्थना करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। आने वाले बैसाखी मेले से पहले वे चाहते हैं कि उनकी फसल सुरक्षित रह जाए, ताकि उनकी मेहनत रंग ला सके। किसानों ने सरकार से भी अपील की है कि अगर नुकसान होता है तो उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। फिलहाल पूरे पंजाब में किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए मौसम के सुधरने की दुआ कर रहे हैं।
