सिरसा, 27 दिसंबर (एम पी भार्गव)।दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों की शहादत को नमन करते हुए श्री श्याम बगीची, सिरसा में भव्य ‘वीर बाल दिवस’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भक्ति, राष्ट्रभक्ति और संस्कारों का अनुपम संगम देखने को मिला, जहां नई पीढ़ी को धर्म, वीरता और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर चलने का प्रेरक संदेश दिया गया।
वीरता और संस्कारों का संदेश
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री श्याम बगीची के प्रधान श्री पवन गर्ग ने की। मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता पूज्य दीदी श्री रहीं। अपने ओजस्वी संबोधन में उन्होंने राष्ट्रधर्म की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों में बचपन से ही शौर्य, वीरता और नैतिक मूल्यों का विकास समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान को स्मरण करते हुए युवाओं से अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का आह्वान किया।
गौ-माता को राष्ट्र माता बनाने का संकल्प
इस अवसर पर पूज्य महंत श्री गोविंदाचार्य जी ने गौ-सेवा और संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने गौ-माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाने के उद्देश्य से चल रहे गौ संरक्षण हस्ताक्षर अभियान की जानकारी दी। उनके आह्वान पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक अभियान के समर्थन में हस्ताक्षर कर संकल्प लिया।
मातृशक्ति का सम्मान
कार्यक्रम के समापन पर सनातन परंपरा के अनुरूप मातृशक्ति का सम्मान किया गया। वरिष्ठ कार्यकर्ता कार्तिक जी द्वारा सभा में उपस्थित वरिष्ठ माताजी को श्रीमद्भगवद् गीता भेंट कर सम्मानित किया गया। संस्था की ओर से बताया गया कि गीता का ज्ञान परिवार और समाज के कल्याण का मूल आधार है।
गरिमामय उपस्थिति
कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, श्रद्धालु एवं बड़ी संख्या में युवा वर्ग उपस्थित रहा। अंत में श्री पवन गर्ग ने सभी अतिथियों व श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए समाजहित में धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में यह भाव स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि “धर्म की रक्षा के लिए साहिबजादों का बलिदान युगों-युगों तक समाज को प्रेरणा देता रहेगा।”
