UPITS Gorakhpur Litti Chokha: यूपीआईटीएस में गोरखपुरिया देसी स्वाद का जलवा, लिट्टी चोखा और लहसुन वाले छोले समोसे ने जीता दिल
गोरखपुर, 28 सितंबर। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 सितंबर से आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) में इस बार कारोबार और उद्योग के साथ गोरखपुरिया देसी स्वाद ( UPITS Gorakhpur Litti Chokha ) भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यूपीआईटीएस के फूड कोर्ट में गोरखपुर की ओडीओसी यानी एक जनपद एक व्यंजन योजना में शामिल **लिट्टी चोखा और लहसुन वाले छोले समोसे** के ठेठ देसी स्वाद ने आगंतुकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
इन पारंपरिक व्यंजनों की खास बात यह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे लोगों के साथ विदेशी आगंतुक भी इनके स्वाद के मुरीद हो रहे हैं। एक बार स्वाद चखने के बाद कई विदेशी आगंतुक दोबारा लिट्टी चोखा खाने के लिए स्टाल पर पहुंच रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर के कारोबारी आयोजन में गोरखपुर के पारंपरिक व्यंजनों को मिल रही यह पसंद स्थानीय स्वाद और व्यंजनों की व्यापक पहुंच को सामने ला रही है।
इंटरनेशनल ट्रेड शो के व्यस्त कारोबारी माहौल के बीच पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू और स्वाद आगंतुकों को फूड कोर्ट की ओर आकर्षित कर रहे हैं। गोरखपुर से ओडीओसी में शामिल दो व्यंजनों के स्टाल लगाए गए हैं। एक तरफ सत्तू भरी लिट्टी और चोखा का स्वाद लोगों को आकर्षित कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ तीखे-चटपटे लहसुन वाले छोले समोसे का अनोखा जायका भी अपनी अलग पहचान बना रहा है।
तीन दिन में लिट्टी चोखा की करीब तीन लाख रुपये की बिक्री
यूपीआईटीएस में लगाए गए लिट्टी चोखा के स्टाल पर खरीदारों की लगातार भीड़ देखने को मिल रही है। मेसर्स बाटी चोखा के गंगाधर दूबे यहां लिट्टी चोखा का स्टाल लगा रहे हैं। सत्तू से भरी लिट्टी के साथ चोखा का पारंपरिक स्वाद लोगों को खूब पसंद आ रहा है।
फोन पर हुई बातचीत में गंगाधर दूबे ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए आगंतुकों के अलावा विदेश से आने वाले लोगों को भी लिट्टी चोखा का स्वाद लाजवाब लगा है। उन्होंने बताया कि कई विदेशी आगंतुक एक बार स्वाद लेने के बाद दोबारा लिट्टी चोखा खाने के लिए स्टाल पर पहुंच रहे हैं।
गंगाधर दूबे के मुताबिक शुक्रवार से रविवार तक तीन दिनों में करीब तीन लाख रुपये की बिक्री हो गई है। यूपीआईटीएस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर पारंपरिक गोरखपुरिया व्यंजन की इस तरह की मांग स्टाल संचालकों के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है।
उन्होंने लिट्टी चोखा को ओडीओसी में शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति कृतज्ञता भी व्यक्त की। गंगाधर दूबे ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से देसी स्वाद को वैश्विक पहचान हासिल करने का अवसर मिल रहा है।
विदेशी आगंतुक भी हुए लिट्टी चोखा के मुरीद
गोरखपुर के पारंपरिक लिट्टी चोखा को यूपीआईटीएस में देशी आगंतुकों के साथ विदेशी लोगों से भी पसंद मिल रही है। स्टाल पर आने वाले विदेशी आगंतुकों के लिए सत्तू से भरी लिट्टी और चोखा का स्वाद नया अनुभव है।
गंगाधर दूबे के अनुसार, कई विदेशी आगंतुक लिट्टी चोखा का स्वाद लेने के बाद इसकी तारीफ कर रहे हैं और कुछ लोग दोबारा भी स्टाल पर पहुंच रहे हैं। इससे पता चलता है कि पारंपरिक भारतीय व्यंजनों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी लोगों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है।
लिट्टी चोखा के स्टाल पर लगातार खरीदारों की भीड़ रहने से फूड कोर्ट में इस व्यंजन की लोकप्रियता भी नजर आ रही है। कारोबारियों के लिए यह आयोजन अपने स्थानीय उत्पाद और व्यंजन को नए ग्राहकों तक पहुंचाने का माध्यम बन रहा है।
लहसुन वाले छोले समोसे का अनोखा चटकारा
गोरखपुर के दूसरे ओडीओसी व्यंजन **लहसुन वाले छोले समोसे** का स्टाल भी यूपीआईट्स में लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मेसर्स चंद्रकेश हलवाई, चौरीचौरा के चंद्रकेश प्रजापति इस स्टाल का संचालन कर रहे हैं।
लहसुन वाले छोले समोसे का स्वाद पारंपरिक समोसे से अलग है। इसके साथ मिलने वाले चटपटे छोले और लहसुन का स्वाद इसे खास बनाता है। यूपीआईटीएस में इस व्यंजन की बढ़ती मांग ने इसे आयोजन के दौरान एक अलग पहचान दिलाई है।
तीन दिनों के कारोबार का हाल जानने के लिए जब चंद्रकेश प्रजापति से फोन पर बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि जल्दी बोलिए, स्टाल पर बहुत भीड़ है। उन्होंने बताया कि लहसुन वाले छोले समोसे की इतनी अधिक मांग है कि शुक्रवार से ही उन्हें दम लेने की फुर्सत नहीं मिल रही है।
स्टाल पर लगातार ग्राहकों के पहुंचने से उन्हें व्यस्त रहना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो में स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय रहे इस व्यंजन को मिल रही मांग इसके लिए नए बाजार की संभावनाओं को भी सामने ला रही है।
दिल्ली में दुकान खोलने का मिला आग्रह
लहसुन वाले छोले समोसे के स्टाल पर आने वाले कुछ लोगों ने चंद्रकेश प्रजापति से दिल्ली में दुकान खोलने का आग्रह भी किया है। चंद्रकेश ने बताया कि स्टाल पर आए कुछ लोगों ने उनसे दिल्ली में दुकान खोलने की बात कही।
यह उनके पारंपरिक व्यंजन के लिए नए बाजार की संभावना को दर्शाता है। चौरीचौरा से निकलकर लहसुन वाले छोले समोसे को यूपीआईटीएस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने से इस व्यंजन को अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचने का अवसर मिला है।
चंद्रकेश प्रजापति के मुताबिक योगी सरकार की ओडीओसी योजना ने इस व्यंजन को कस्बे से उठाकर वैश्विक मंच उपलब्ध कराया है। उनका कहना है कि इस योजना के जरिए स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय व्यंजनों को व्यापक मंच पर पहचान मिल रही है।
ओडीओसी से स्थानीय स्वाद को मिल रहा मंच
उत्तर प्रदेश की ओडीओसी योजना में गोरखपुर के लिट्टी चोखा और लहसुन वाले छोले समोसे को शामिल किया गया है। यूपीआईटीएस में इन दोनों व्यंजनों के स्टाल लगाए जाने से इन्हें बड़े स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिला है।
गोरखपुरिया स्वाद की खासियत यह है कि इसमें पारंपरिक तरीके से तैयार किए गए व्यंजनों को स्थानीय स्वाद के अनुरूप प्रस्तुत किया जाता है। सत्तू भरी लिट्टी और चोखा जहां लोगों को पारंपरिक स्वाद का अनुभव करा रहे हैं, वहीं लहसुन वाले छोले समोसे का तीखा और चटपटा जायका अलग तरह से आकर्षित कर रहा है।
इंटरनेशनल ट्रेड शो में इन दोनों व्यंजनों की मौजूदगी से कारोबार और पारंपरिक खान-पान के बीच भी एक संबंध दिखाई दे रहा है। स्टालों पर ग्राहकों की भीड़ और बिक्री से जुड़े आंकड़े कारोबारियों के उत्साह को बढ़ा रहे हैं।
देसी स्वाद को वैश्विक मंच
यूपीआईटीएस में गोरखपुर के इन पारंपरिक व्यंजनों की मौजूदगी ने यह दिखाया है कि स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय भोजन को भी बड़े मंच पर प्रस्तुत किया जा सकता है। लिट्टी चोखा की तीन दिनों में करीब तीन लाख रुपये की बिक्री और लहसुन वाले छोले समोसे की लगातार मांग इसका उदाहरण है।
विदेशी आगंतुकों का लिट्टी चोखा को पसंद करना और दोबारा स्टाल पर पहुंचना भी इस आयोजन का खास आकर्षण है। वहीं, लहसुन वाले छोले समोसे को लेकर दिल्ली में दुकान खोलने का आग्रह मिलने की बात भी इस व्यंजन की बढ़ती रुचि को सामने रखती है।
इस तरह ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में गोरखपुर का देसी स्वाद कारोबारियों और आगंतुकों के बीच अपनी अलग पहचान बना रहा है। ओडीओसी योजना में शामिल लिट्टी चोखा और लहसुन वाले छोले समोसे के जरिए गोरखपुर की पारंपरिक खान-पान की पहचान को व्यापक मंच मिला है। एक ओर लिट्टी चोखा ने तीन दिनों में करीब तीन लाख रुपये की बिक्री दर्ज की, तो दूसरी ओर लहसुन वाले छोले समोसे की मांग ने स्टाल संचालक को लगातार व्यस्त रखा। इस तरह गोरखपुरिया देसी स्वाद यूपीआईटीएस के फूड कोर्ट में लोगों के बीच चर्चा और आकर्षण का विषय बना हुआ है।
