UP PRD Jawan Allowance: पीआरडी जवानों का बढ़ा दैनिक भत्ता, अब ₹600 रोज; परिवार को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा
UP PRD Jawan Allowance: उत्तर प्रदेश में प्रांतीय रक्षक दल यानी पीआरडी के स्वयंसेवकों के लिए सरकार ने दो अहम फैसले किए हैं। पीआरडी जवानों के दैनिक ड्यूटी भत्ते को बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। पहले यह राशि 500 रुपये प्रतिदिन थी। यानी अब प्रत्येक ड्यूटी वाले दिन जवानों को 100 रुपये अधिक मिलेंगे। इसके साथ ही पीआरडी जवानों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा का भी प्रावधान किया गया है। इसके तहत प्रति परिवार हर साल 5 लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार की ओर से यह फैसला पीआरडी स्वयंसेवकों के ड्यूटी भत्ते और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ा है। 18 सितंबर को संबंधित शासनादेश जारी होने के बाद बढ़े हुए भत्ते और कैशलेस चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई। रिपोर्टों के अनुसार नई दर के हिसाब से बढ़े हुए भत्ते का भुगतान अगले महीने से किया जाएगा।
पीआरडी जवानों का दैनिक भत्ता ₹500 से बढ़कर ₹600 हुआ
पीआरडी स्वयंसेवकों को ड्यूटी के दौरान मिलने वाले दैनिक भत्ते में 100 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पहले जवानों को 500 रुपये प्रतिदिन का दैनिक ड्यूटी भत्ता मिलता था। अब इसे बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है।
इस बदलाव का मतलब है कि जिस दिन कोई पीआरडी स्वयंसेवक निर्धारित ड्यूटी करेगा, उस दिन के लिए उसे पहले की तुलना में 100 रुपये अधिक मिलेंगे। नई व्यवस्था को लेकर शासनादेश जारी हो चुका है और रिपोर्ट के अनुसार इसका भुगतान अगले महीने से नई दर के आधार पर किया जाएगा।
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब पीआरडी स्वयंसेवकों की भूमिका कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक व्यवस्था और विभिन्न सरकारी आयोजनों में सहयोग से जुड़ी रहती है। सरकार की ओर से उनके ड्यूटी भत्ते में समय-समय पर बदलाव किए गए हैं।
पहले भी बढ़ाया गया था ड्यूटी भत्ता
पीआरडी जवानों के दैनिक भत्ते में यह पहली बढ़ोतरी नहीं है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2025 में दैनिक भत्ता 395 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन किया गया था। अब एक बार फिर इसमें 100 रुपये की वृद्धि करके इसे 600 रुपये कर दिया गया है।
इससे पहले के वर्षों में भी पीआरडी स्वयंसेवकों के ड्यूटी भत्ते में वृद्धि हुई थी। सरकार के अनुसार 2019 में इसे 375 रुपये और 2022 में 395 रुपये किया गया था। इसके बाद 2025 में यह 500 रुपये हुआ और अब नई व्यवस्था के तहत 600 रुपये प्रतिदिन किया गया है।
इस तरह पिछले कुछ वर्षों में पीआरडी स्वयंसेवकों के दैनिक ड्यूटी भत्ते में लगातार बदलाव देखने को मिला है।
पीआरडी जवानों और परिवार को मिलेगा कैशलेस इलाज
ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी के साथ स्वास्थ्य सुविधा भी इस फैसले का अहम हिस्सा है। पीआरडी जवानों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को प्रति परिवार हर वर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का प्रावधान किया गया है।
इसका उद्देश्य पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके परिवारों को इलाज के दौरान आर्थिक बोझ से राहत देना है। खासकर गंभीर बीमारी या महंगे उपचार की स्थिति में कैशलेस सुविधा का महत्व बढ़ जाता है, क्योंकि पात्र लाभार्थी को सूचीबद्ध चिकित्सा व्यवस्था के तहत इलाज कराने की सुविधा मिल सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार यह सुविधा पीआरडी जवानों के साथ उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को भी उपलब्ध होगी। हालांकि, इसका लाभ लेने के लिए योजना में निर्धारित पात्रता और प्रक्रिया का पालन करना होगा।
हर परिवार के लिए सालाना ₹5 लाख तक की सुविधा
कैशलेस चिकित्सा योजना में 5 लाख रुपये की सीमा प्रति परिवार प्रति वर्ष बताई गई है। यानी यह राशि प्रत्येक परिवार के लिए वार्षिक उपचार सीमा के रूप में लागू होगी। यह सुविधा पात्र पीआरडी जवान और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए है।
इस व्यवस्था का लाभ लेने से पहले संबंधित योजना के नियम, पात्रता और अस्पताल की सूची की जानकारी लेना जरूरी होगा। कैशलेस उपचार सामान्यतः सूचीबद्ध अस्पतालों और योजना के तहत स्वीकृत उपचार प्रक्रियाओं के अनुसार उपलब्ध कराया जाता है।
कितने पीआरडी स्वयंसेवकों को मिलेगा फायदा?
उत्तर प्रदेश में पीआरडी से जुड़े स्वयंसेवकों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग आंकड़े सामने आए हैं। 19 सितंबर की Aaj Tak रिपोर्ट में 31,130 पीआरडी स्वयंसेवकों के रजिस्टर्ड होने की जानकारी दी गई है। वहीं 15 सितंबर की कैबिनेट संबंधी रिपोर्ट में 27,794 पीआरडी स्वयंसेवकों का आंकड़ा बताया गया था। ऐसे में लाभार्थियों की संख्या के लिए संबंधित विभाग की नवीनतम आधिकारिक सूची को आधार माना जाना चाहिए।
यह अंतर इस बात को भी दिखाता है कि रजिस्टर्ड स्वयंसेवकों और उस समय सक्रिय या योजना के लिए पात्र स्वयंसेवकों की संख्या अलग हो सकती है।
सरकार पर बढ़ेगा वित्तीय भार
दैनिक भत्ते में 100 रुपये की बढ़ोतरी का सीधा असर राज्य सरकार के वित्तीय व्यय पर पड़ेगा। 15 सितंबर की कैबिनेट संबंधी रिपोर्ट में इस निर्णय से करीब 101.44 करोड़ रुपये के अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार का उल्लेख किया गया था।
इसके अलावा कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए भी सरकार को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार खर्च वहन करना होगा। इससे पीआरडी स्वयंसेवकों के लिए ड्यूटी से जुड़ी आर्थिक सहायता के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा का एक अतिरिक्त प्रावधान तैयार होता है।
पीआरडी की भूमिका क्या है?
प्रांतीय रक्षक दल यानी पीआरडी स्वयंसेवक राज्य में विभिन्न प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं में सहयोग करते हैं। इनकी सेवाएं आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग सरकारी गतिविधियों और आयोजनों में लगाई जाती हैं।
पीआरडी स्वयंसेवक पुलिस और प्रशासन के साथ विभिन्न परिस्थितियों में सहयोग करते हैं। इसलिए ड्यूटी के दौरान मिलने वाला दैनिक भत्ता उनके लिए महत्वपूर्ण है। सरकार की ओर से भत्ते में बढ़ोतरी को इसी व्यवस्था के तहत देखा जा रहा है।
पहले स्वास्थ्य सुविधा का खर्च बना था चिंता का विषय
पीआरडी स्वयंसेवकों के लिए स्वास्थ्य सुविधा का प्रावधान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बीमारी या गंभीर उपचार की स्थिति में इलाज का खर्च परिवार पर आर्थिक दबाव डाल सकता है। नई कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था के तहत प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक की वार्षिक सुविधा का प्रावधान इस आर्थिक बोझ को कम करने के उद्देश्य से किया गया है।
हालांकि, कैशलेस उपचार का लाभ किस अस्पताल में और किन उपचारों के लिए मिलेगा, यह योजना के नियमों और सूचीबद्ध चिकित्सा संस्थानों पर निर्भर करेगा। इसलिए लाभार्थियों को संबंधित विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों को ध्यान से देखना चाहिए।
नई व्यवस्था कब से लागू होगी?
शासनादेश जारी होने के बाद बढ़े हुए 600 रुपये दैनिक भत्ते की नई व्यवस्था लागू हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार इसका वास्तविक भुगतान अगले महीने से नई दर के हिसाब से किया जाएगा। कैशलेस उपचार सुविधा के लिए भी शासन की ओर से आदेश जारी किया गया है।
इसका मतलब है कि पीआरडी स्वयंसेवकों को अब आगे की ड्यूटी के लिए नई दर के अनुसार भत्ता मिलेगा, जबकि स्वास्थ्य सुविधा योजना के तहत पात्रता पूरी करने वाले जवान और उनके आश्रित परिवार सदस्य कैशलेस उपचार का लाभ ले सकेंगे।
पीआरडी जवानों के लिए फैसले का महत्व
ड्यूटी भत्ते में वृद्धि से पीआरडी स्वयंसेवकों को हर ड्यूटी दिवस पर पहले से 100 रुपये ज्यादा मिलेंगे। वहीं स्वास्थ्य सुविधा से उनके परिवार को चिकित्सा खर्च के मामले में सुरक्षा मिल सकती है। इस तरह सरकार के ताजा फैसले में आर्थिक सहायता और स्वास्थ्य सुविधा दोनों पहलुओं को शामिल किया गया है।
फिलहाल पीआरडी स्वयंसेवकों को अपनी पात्रता, ड्यूटी से जुड़े रिकॉर्ड और कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए जरूरी दस्तावेजों की जानकारी संबंधित विभाग से प्राप्त करनी चाहिए। योजना का लाभ लेने से पहले आधिकारिक नियमों की जांच करना जरूरी है।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में पीआरडी स्वयंसेवकों के दैनिक ड्यूटी भत्ते को 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये करना और प्रति परिवार सालाना 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा का प्रावधान इस वर्ग से जुड़े दो महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसले हैं। इन दोनों व्यवस्थाओं का वास्तविक लाभ निर्धारित पात्रता और शासन द्वारा तय नियमों के अनुसार मिलेगा।
