ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर यूपी बीजेपी अध्यक्ष सख्त, अनुशासनहीनता की चेतावनी

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के ब्राह्मण विधायकों की 23 दिसंबर को लखनऊ में हुई कथित बैठक को लेकर उठी चर्चाओं के बीच पार्टी नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाया है। उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने बृहस्पतिवार रात जारी बयान में पार्टी के जनप्रतिनिधियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों को दोहराया गया तो इसे पार्टी संविधान के अनुसार अनुशासनहीनता माना जाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि मीडिया में प्रसारित खबरों के अनुसार विधानसभा सत्र के दौरान कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा विशेष भोज का आयोजन किया गया, जिसमें समाज विशेष से जुड़ी चर्चा हुई। इस मामले में पार्टी ने सतर्कता के साथ संबंधित जनप्रतिनिधियों से बातचीत की है और स्पष्ट कर दिया गया है कि ऐसी कोई भी गतिविधि भाजपा की संवैधानिक परंपराओं और मूल विचारधारा के अनुकूल नहीं है। इससे समाज में गलत संदेश जाता है, जो पार्टी के लिए स्वीकार्य नहीं है।

पंकज चौधरी ने दो टूक कहा कि भाजपा सिद्धांतों और आदर्शों पर आधारित राजनीतिक दल है। पार्टी और उसके कार्यकर्ता परिवार, वर्ग या जाति विशेष की राजनीति में विश्वास नहीं करते। भाजपा की पहचान समावेशी और सर्वसमाज को साथ लेकर चलने वाली राजनीति के रूप में है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 23 दिसंबर को कुशीनगर से भाजपा विधायक पी.एन. पाठक के लखनऊ स्थित आवास पर एक कार्यक्रम आयोजित हुआ था, जिसमें कथित तौर पर ब्राह्मण बिरादरी से जुड़े लगभग 40 भाजपा विधायकों ने हिस्सा लिया था। यह विधायक पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्र से बताए जा रहे हैं। हालांकि बैठक का कोई आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है, लेकिन इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

प्रदेश अध्यक्ष ने अपने बयान में यह भी कहा कि भाजपा विविधताओं से भरे लोकतंत्र में अपनी सर्वव्यापी पहचान आधारित राजनीति को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रतिपादित विकासवादी राजनीति और राष्ट्रवाद के सामने प्रदेश में विपक्ष की जाति आधारित राजनीति अब दम तोड़ रही है।

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