सिंगापुर में नौकरी करने वाले दो युवक भारत आकर बने ठगों के सरदार
एक ने आईपीएल में सिलेक्ट होने के लिए खरीदा सवा लाख का बैट और एक थार कार लिमिट बढ़ाने के नाम पर ठगी करने वाला क्रिकेटर व उसका साथी पुलिस की गिरफ्त में
कानपुर। बैंक की लिमिट बढ़ाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। साइबर क्राइम टीम ने दो पढ़े-लिखे ठगों को गिरफ्तार किया है, जो कभी सिंगापुर में मोटे वेतन पर नौकरी करते थे। दोनों युवकों ने कोरोना काल में भारत लौटने के बाद ठगी का धंधा शुरू कर दिया।
डीसीपी क्राइम अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गुजैनी निवासी सुनील कुमार खन्ना इन ठगों के शिकार बने थे। उनकी शिकायत पर साइबर टीम ने गहन जांच शुरू की। तकनीकी सर्विलांस और बैंक खातों की जांच के बाद पुलिस ने दिल्ली से दो अभियुक्तों — अनुज तोमर और विवेक शर्मा — को धर दबोचा।
पुलिस के मुताबिक, अनुज तोमर एमबीए पास है, जबकि विवेक शर्मा बी.टेक कर चुका है। विवेक एक क्रिकेटर भी है और आईपीएल में चयन की तैयारी कर रहा था। उसने ठगी के पैसों से सवा लाख रुपए का क्रिकेट बैट और एक महिंद्रा थार कार खरीदी थी।
पूछताछ में दोनों ने अब तक 35 ठगी की घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूल की है। ठगी की कुल रकम करोड़ों में बताई जा रही है।
पुलिस ने इनके पास से 3 लैपटॉप, 14 मोबाइल फोन, ठगी की रकम से खरीदा गया क्रिकेट किट बैग और महिंद्रा थार कार बरामद की है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक अभय कुमार सिंह, उप निरीक्षक शिव कुमार शर्मा, पुनीत तोमर, हेड कांस्टेबल साइबर क्राइम शरीफ खां, कांस्टेबल सौरभ पाण्डेय और नितिन की अहम भूमिका रही।
डीसीपी क्राइम ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। संभावना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम भी जल्द सामने आएंगे।
