सामयिक परिवेश द्वारा आयोजित तीन दिवसीय साहित्य संगीत एवं नाट्य समागम 10 वां आदि शक्ति प्रेमनाथ खन्ना स्मृति समारोह सम्पन्न
अवलोकन की कहानी एक ऐसी लड़की पे आधारित है जो एक मध्ये वर्गीय परिवार में जन्मी है और पड़ाई में काफ़ी आगे है और अपने माता पिता की लाडली है , लड़की जो की उसका नाम मधु है वो जब कॉलेज जाना शुरू करती है तो वहाँ वो एक लड़के से प्यार कर बैठती है और प्यार इतना आगे बड़ जाता है की वो अपनी सिमाओ को भी भूल जाती है और एक दिन वो ग़लत कदम उठा लेती है।प्यार करना बुरी बात नहीं लेकिन प्यार में अंधा हो जाना और किसी पे अपने से ज़्यादा विश्वास करना ये ग़लत है जो उसके और उसके परिवार के लिए काफ़ी मुश्किल पैदा कर देती है।एक बड़े बाप के बेटे के प्यार में पड़कर एक मिडल क्लास में रहने वाली लड़की कैसे अपने आपको उस जगह तक ले जाती है जहाँ से वापस आना बड़ा ही मुश्किल हो जाती है । जब उसे अपने गलती का एहसास होता है तब तक बहुत देर हो जाती है और समाज में उसके पिता कहीं मुँह देखाने लायक नहीं रहते । परिवार की शर्मिंदगी और प्यार से मिला धोखा को मधु सह नहीं पाती और एक ऐसा कदम उठा लेती है जिससे उसकी ज़िंदगी ख़त्म हो जाती है पर उसके इस कदम से समाज पे एक सवाल छोड़ जाती है कि समाज के कुछ ऐसे सभ्रांत लोग जो अपने आप को समाज के अच्छे ठेकदार तो कहलाते है लेकिन वही ठेकेदार चुप हो के तमाशबीन बन जाते है ।