- रिपोर्ट: प्रेम सिन्हा
पटना, 25 सितम्बर 2025।नाटककार एवं जाने-माने कवि/गीतकार मधुरेश नारायण के वीडियो-एल्बम ‘तनहाई’ तथा वरिष्ठ लेखक डॉ. किशोर सिन्हा की नाट्य-पुस्तक ‘रंगरूपा कोशा’ का लोकार्पण-सह-कवि सम्मेलन ए.एन. कॉलेज, पटना में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम फिल्म और संस्कृति को समर्पित संस्था ‘मुग्धाभि सिने प्रोडक्शन’ (R) के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार श्री भगवती प्रसाद द्विवेदी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात लेखक एवं नाटककार डॉ. नरेन्द्रनाथ पांडेय उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में पूर्व सदस्य बिहार विधान परिषद डॉ. किरण घई, शिक्षाविद् डॉ. अनीता राकेश, अंतरराष्ट्रीय छायाकार श्री बी. के. जैन, ए.एन. कॉलेज के अंग्रेज़ी विभाग के प्राध्यापक प्रो. डॉ. नरेन्द्र कुमार, नाट्य-पुस्तक ‘रंगरूपा कोशा’ के लेखक डॉ. किशोर सिन्हा तथा वीडियो-एल्बम ‘तनहाई’ के गीतकार-गायक मधुरेश नारायण सहित अनेक गणमान्य साहित्यकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संगीत और संस्कृत की विदुषी नम्रता कुमारी ने किया।
मुख्य अतिथि डॉ. नरेन्द्रनाथ पांडेय ने वीडियो-एल्बम ‘तनहाई’ पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मधुरेश नारायण की साहित्य-सेवा और गीत-संगीत के प्रति समर्पण अत्यंत सराहनीय है। बैंकिंग सेवा में रहते हुए भी उनका रचनात्मक योगदान अन्य सेवानिवृत्त व्यक्तियों के लिए प्रेरणादायक है। विशिष्ट अतिथि श्री बी. के. जैन ने कहा कि गीत लेखन, स्वरबद्ध करना और गायन—तीनों में उनकी दक्षता उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाती है।
डॉ. किशोर सिन्हा की नाट्य-रचना ‘रंगरूपा कोशा’ पर विचार रखते हुए अध्यक्ष श्री भगवती प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि किशोर सिन्हा साहित्य की अनेक विधाओं में स्थापित हस्ताक्षर हैं। डॉ. किरण घई ने उन्हें साहित्य और रंगकर्म के क्षेत्र में एक कल्पनाशील एवं क्रियाशील व्यक्तित्व बताया और कहा कि यह कृति इतिहास के अनछुए पन्नों से परिचित कराती है। शिक्षाविद् डॉ. अनीता राकेश ने कहा कि डॉ. किशोर सिन्हा की नाट्य-कृतियां पहले भी पाठकों के बीच सराही गई हैं और यह पुस्तक भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाती है।
इसके अतिरिक्त प्रो. अनिल प्रसाद, श्री आनंद बिहारी प्रसाद, नीलांशु रंजन, अभय सिन्हा, आराधना प्रसाद, सीमा रानी, कविता राज, विभा रानी श्रीवास्तव, बेंगलुरु से पधारी कंचन अपाराजिता, शुभचन्द्र सिन्हा, सुनील कुमार, रवि कुमार गुप्ता सहित अनेक साहित्यकारों और विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए।
समारोह के अंत में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें कवियों और कवयित्रियों ने अपनी सशक्त रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि सम्मेलन का संचालन रवि श्रीवास्तव ने किया, जबकि कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ रंगकर्मी नीलेश्वर मिश्र द्वारा प्रस्तुत किया गया।
