मानवीय भावनाओं और यथार्थ के टकराव का सजीव चित्रण है “द सिडक्शन”

  • रिपोर्ट: प्रेम सिन्हा

पटना। नाट्य संस्था विश्वा, पटना जो पिछले 15 वर्षों से रंगकर्म के क्षेत्र में सक्रिय है, द्वारा तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव ‘विश्वोत्सव 2025-26’ का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 27 फरवरी 2026 को संध्या 6:30 बजे इमेजिनेशन स्कूल ऑफ ड्रामा एंड फिल्म मेकिंग, कंकड़बाग, पटना में Anton Chekhov द्वारा लिखित नाटक “द सिडक्शन” का मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन राजेश नाथ राम ने किया।

“द सिडक्शन” मानवीय भावनाओं, लालच और यथार्थ के टकराव का सजीव चित्रण प्रस्तुत करता है। यह नाटक ग्रामीण पृष्ठभूमि में घटित होता है, जहां पात्रों के बीच संवादों के माध्यम से समाज की गहराइयों और मानवीय कमजोरियों को उकेरा गया है।

नाटक का मुख्य पात्र एक चालाक और तेजतर्रार पुरुष है, जो अपनी वाकपटुता और चतुराई से महिलाओं को आकर्षित करता है। वह दूसरों को अपने प्रभाव में लेकर अपने स्वार्थ की पूर्ति करता है। किंतु चेखव की विशिष्ट शैली के अनुरूप यह नाटक केवल घटनाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पात्रों की भावनात्मक उलझनों और उनके निर्णयों के पीछे छिपे कारणों की गहन पड़ताल भी करता है।

यह प्रस्तुति हास्य, व्यंग्य और त्रासदी का अनूठा संगम है। नाटक न केवल मानवीय स्वभाव के विरोधाभासों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि व्यक्ति किस प्रकार अपने हित साधने के लिए दूसरों को प्रभावित करता है। जीवन के साधारण क्षणों को गहरी संवेदना के साथ प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया। नाटक का अंत अप्रत्याशित और विचारोत्तेजक रहा, जिसने मानवीय संबंधों और जीवन की वास्तविकताओं पर चिंतन का अवसर प्रदान किया।

मंच पर रंगोली पाण्डेय, आदिल रशीद एवं राजेश राजा ने प्रभावशाली अभिनय किया। मंच परे पार्श्व ध्वनि राहुल आर्यन, प्रकाश संयोजन रेयाज़ अहमद, रूप सज्जा तन्नु आश्मी, वस्त्र विन्यास आदित्य, मंच निर्माण सुनील जी, तथा पूर्वाभ्यास प्रभारी शशांक शेखर एवं अभिषेक मेहता रहे। प्रस्तुति विश्वा, पटना द्वारा दी गई। लेखक Anton Chekhov एवं निर्देशन राजेश नाथ राम का रहा।

कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु इमेजिनेशन पटना एवं कुंदन कुमार को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

 

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