सफाई का ठेका लेने वाली एजेंसी, ठेकेदार व पार्षद प्रतिनिधि की बढ़ी मुश्किलें, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने लिया संज्ञान
ऐलनाबाद, 29 मई (एम पी भार्गव) — नगर पालिका में ठेका पर लगे सफाई कर्मचारियों को कम वेतन देने के मामले ने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग का ध्यान आकर्षित किया है। आयोग ने इस गंभीर शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जिला उपायुक्त को पत्र जारी किया है, जिसमें मामले की उचित जांच कर यथाशीघ्र तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग, नई दिल्ली की सख्त कार्रवाई के बाद अब सफाई का ठेका लेने वाली एजेंसी, ठेकेदार और पार्षद प्रतिनिधि की मुश्किलें बढ़ गई हैं। साथ ही, नगर पालिका के उच्च पदस्थ नेताओं पर भी सवाल उठने लगे हैं, जो इन ठेकेदारों को संरक्षण दे रहे थे।
आयोग के आदेश के अनुसार, सफाई कर्मचारियों को अब उनके बैंक खातों में पूरा वेतन समय पर दिया जाएगा। साथ ही, कम वेतन देने और अन्य गलत प्रथाओं में शामिल एजेंसी, ठेकेदार और पार्षद प्रतिनिधि के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
यह कदम सफाई कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है और इससे अन्य नगरपालिकाओं में भी ऐसी अनियमितताओं पर कड़ी नजर रखने की उम्मीद जताई जा रही है।
