गुरुग्राम नगर निगम के मेयर उम्मीदवार राजरानी मल्होत्रा ( भाजपा ) और सीमा पाहुजा ( कांग्रेस ) के बी सी-ए के सर्टिफिकेट का मामला उलझता जा रहा हैं

ग़ुस्ताखी माफ़ हरियाणा – पवन कुमार बंसल

गुरुग्राम नगर निगम के मेयर पद के लिए भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवार राजरानी मल्होत्रा और सीमा पहुजा के बी सी -ए का सर्टिफिकेट देने का मामला उलझता जा रहा है i यह सीट बी सी -ए की महिला के लिए आरक्षित हैं i पर्जापत समाज के रिटायर्ड केप्टन पवन अंचल ,यशपाल और रिटायर्ड डीएसपी बनवारी लाल ने स्टेट इलेक्शन कमिश्नर को ज्ञापन देकर अरोप लगाया है कि दोनों उम्मीदवार सामान्य जाति से है तथा उन्होंने बीसी -ए का बोगस सर्टिफिकेट दिया है इसलिए उनका नामांकन रद किया जाये और उनके ख़िलाफ़ एक्शन लिया जाए .
महासभा का आरोप है कि मेयर चुनाव के दौरान भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने गलत सर्टिफिकेट बनवाकर चुनाव लड़ा. i इस बार हरियाणा सरकार द्वारा गुड़गांव मेयर का चुनाव अन्य पिछड़ा वर्ग ए के लिए आरक्षित किया गया था जबकि साधारण जाति से होते हुए इन लोगों ने फर्जी तरीके से सर्टिफिकेट बनवाया और फिर चुनाव लड़े चुनाव संपन्न होने के बाद अब इन लोगों ने मांग की है कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और चुनाव प्रक्रिया को रद्द किया जाए इतना ही नहीं इन लोगों ने मांग की है कि अगर सरकार और अधिकारियों ने इस बाबत जल्द से जल्द कोई कठोर कदम नहीं उठाया तो वह इस मामले को लेकर हाई कोर्ट में भी जा सकते iमहासभा के प्रदेश अध्यक्ष यशपाल प्रजापति ने कहा कि राजरानी मल्होत्रा और सीमा पाहुजा ने अपने सर्टिफिकेट सुनार जाति से बनवाए हैं जबकि यह लोग जाति से सुनार नहीं है अपने काम से सुनार हैं!

चुनाव होने के बाद इस संबंध में जिला उपयुक्त को भी एक लिखित शिकायत दी गई है i शिकायत में जिला उपयुक्त द्वारा उन्हें आश्वासन दिया गया है कि उम्मीदवारों के कागजातों की जांच की जाएगीi
बीसीए वर्ग और महाराजा दक्ष प्रजापति महासभा की ओर से मांग की गई है कि अगर इन लोगों ने फर्जी सर्टिफिकेट लगाए हैं तो उनके खिलाफ कानूनी एक्शन लिया जाये i गुरुग्राम के उपायुक्त महोदय द्वारा बार-बार इस संबंध में समय बढ़ाया जा रहा है और जांच अभी तक पूरी नहीं हो पाई है

उन्होंने आरोप लगाया कि अगर राजरानी मल्होत्रा द्वारा बीसीए वर्ग का सर्टिफिकेट चुनाव आयोग को दिया गया है तो इससे पूर्व उसके बच्चों या पति का कोई सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ है इस मामले में शक का दायरा और इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि चुनाव से दो दिन पहले ही पति-पत्नी ने BC A वर्ग का सर्टिफिकेट जारी करवाया है

यह मूल रूप से जाट पंजाबी राजरानी मल्होत्रा का पैतृक बूटा है जो पुराने पंजाब के उच्च जाति के पंजाबी जाट होते है । इस जाति के लोग पंजाब और पाकिस्तान में आज भी है । इनका मुख्य पेशा जमींदारी रहा है और कपड़े के व्यापार के साथ अन्य अच्छे व्यापार के साथ नौकरी में भी है । इतिहासकारों के अनुसार गुरुनानक जी को पहले
शिष्य भी इसी जाति के लोगों ने दिए थे श्रीमती राजरानी के परिवार के सदस्य के अनुसार इनके पिता श्री विशन दास और उनके पूर्वज
देश के बंटवारे के समय पाकिस्तान के वर्तमान में डेरा गाजी जिले मुल्तान क्षेत्र से आए थे।
राजरानी मल्होत्रा के पैतृक परिवार और इनके ससुराल के कुछ सदस्य आभूषण और रत्न का व्यापार करते है जिसकी बिनाह पर इन्होंने धोखा और मिलीभगत कर अपने आपको हरियाणा के सुनार जाति का दिखाकर पिछड़ा वर्ग ए का प्रमाण पत्र तैयार करवा लिया |
इनके पति तिलक राज मल्होत्रा जो कि उच्च श्रेणी की खत्री पंजाबी जाति से संबंध रखते हैं वो भी अपने आपको गलत तरीके से सुनार जाति का बता कर पिछड़ा वर्ग का दिखा रहे है।
सीमा पाहुजा जो पवन पाहुजा जी की पत्नि है और दो योजना में नगर निगम की काउंसलर रह चुकी है उन्होंने भी अपने पिता श्री मोहनमुरारी कपूर को सुनार जाति का बताकर हरियाणा के पिछड़ा वर्ग ए का प्रमाण पत्र बनवाया है ।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को इन लोगों ने गलत पर तथ्य पेश किए हैं और जिससे सरकार की किरकरी हो रही है सरकार को इस और ध्यान देकर इन लोगों के खिलाफ जल्द से जल्द बड़ी कार्रवाई करनी चाहिए हमें उम्मीद है कि हरियाणा सरकार और उपायुक्त महोदय उनके साथ न्याय करेंगे और अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह जल्द ही इस मामले को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर करेंगे i

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