रोहतास जा रहे तेजस्वी यादव, मजदूर चंदेश्वर चौधरी की हत्या पर सरकार को घेरने की तैयारी; जानिए पूरा मामला
पटना/रोहतास: रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के जोगिया गांव में मजदूर चंदेश्वर चौधरी की हत्या का मामला अब राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है। इस मामले को लेकर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शनिवार को रोहतास पहुंचे और मृतक के परिवार से मुलाकात करने की बात कही। तेजस्वी यादव ने घटना को बिहार की कानून-व्यवस्था से जोड़ते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा है।
तेजस्वी यादव ने क्या कहा?
तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को कहा कि बिहार में अपराध लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने डीजीपी से भी बातचीत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की छवि ऐसी बनाई जा रही है, जैसे यहां पुलिस स्टेट हो।
तेजस्वी यादव ने जयप्रकाश नारायण (जेपी), कर्पूरी ठाकुर और लालू प्रसाद यादव का भी उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार की अपनी लोकतांत्रिक और सामाजिक विरासत रही है। उन्होंने रोहतास की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि मजदूरी मांगने गए एक मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
क्या है चंदेश्वर चौधरी हत्याकांड?
चंदेश्वर चौधरी रोहतास के दिनारा थाना क्षेत्र के भुई पंचायत के जोगिया गांव के रहने वाले थे। उनके पुत्र दीपक चौधरी भी पहले आरोपी अजीत तिवारी के यहां चरवाही का काम करते थे। बाद में दीपक ने वहां काम छोड़कर गांव में ही दूसरे व्यक्ति के यहां मजदूरी शुरू कर दी।
इसके बाद मजदूरी के हिसाब-किताब को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद होने की बात सामने आई। दीपक चौधरी के अनुसार, उनके पिता की करीब 50 से 60 हजार रुपये मजदूरी बकाया थी। हालांकि, मजदूरी के बकाये को लेकर दूसरे पक्ष की ओर से अलग दावा बताया गया है।
चंदेश्वर को बुलाने की बात कैसे सामने आई?
ग्रामीणों के अनुसार, घटना से एक रात पहले अजीत तिवारी के यहां पार्टी चल रही थी और डीजे बज रहा था। इसी दौरान चंदेश्वर चौधरी को बुलाए जाने की बात सामने आई।
परिजनों का आरोप है कि उन्हें बकाया मजदूरी के पैसे के सिलसिले में बुलाया गया था। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और घटना से पहले तथा घटना के समय वहां मौजूद लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
मजदूरी लेने पहुंचे चंदेश्वर, हत्या का आरोप
मृतक के पुत्र दीपक चौधरी के आरोप के मुताबिक, उनके पिता बकाया मजदूरी लेने अजीत तिवारी के पास गए थे। उनके साथ गांव के केदार चौधरी भी थे।
दीपक चौधरी का आरोप है कि वहां अजीत तिवारी ने चंदेश्वर के साथ मारपीट की। इसके बाद केदार चौधरी वहां से निकल गए और आरोप है कि अजीत तिवारी ने चंदेश्वर को गोली मार दी। दीपक ने यह भी आरोप लगाया कि हत्या के बाद शव को वाहन में रखकर वहां से ले जाया गया।
हालांकि, ये आरोप मृतक के पुत्र की ओर से लगाए गए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
हत्या की खबर के बाद गांव में आगजनी
चंदेश्वर चौधरी की हत्या की खबर फैलने के बाद जोगिया गांव में आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी के घर के अलावा हार्वेस्टर, ट्रैक्टर, कार समेत कई वाहनों में आग लगा दी।
स्थिति बिगड़ने की सूचना के बाद रोहतास के एसपी रौशन कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और पुलिस बल की तैनाती की गई।
चार घंटे के भीतर अजीत तिवारी और चिंगारी तिवारी गिरफ्तार
रोहतास के एसपी रौशन कुमार के अनुसार, पुलिस ने घटना के करीब चार घंटे के भीतर मुख्य आरोपी अजीत तिवारी और उनके पुत्र चिंगारी तिवारी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार कर लिया।
दोनों को दिनारा थाना लाकर पूछताछ की गई। प्राथमिकी में नामजद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है।
36 घंटे बाद नहर से मिला शव
चंदेश्वर चौधरी का शव घटना के बाद बरामद नहीं हुआ था। करीब 36 घंटे बाद, मुख्य आरोपी अजीत तिवारी की निशानदेही पर सुरतापुर गांव के पास नहर में शव की तलाश शुरू की गई।
एसपी रौशन कुमार के निर्देश पर पहले नहर का पानी कम कराया गया। इसके बाद स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम ने तलाशी अभियान चलाया। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे चंदेश्वर चौधरी का शव बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम समेत अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
पांच नामजद समेत अन्य के खिलाफ FIR
मृतक के पुत्र दीपक चौधरी के बयान पर दिनारा थाने में पांच नामजद आरोपियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
अब राजनीतिक मोर्चे पर तेजस्वी यादव
चंदेश्वर चौधरी की हत्या, आगजनी, आरोपियों की गिरफ्तारी और शव बरामद होने के बाद मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। तेजस्वी यादव इस घटना को बिहार में अपराध और कानून-व्यवस्था की स्थिति से जोड़कर सरकार को घेर रहे हैं।
रोहतास में मृतक के परिवार से उनकी मुलाकात को इसी राजनीतिक संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर है कि परिवार से मिलने के बाद तेजस्वी यादव सरकार और पुलिस की कार्रवाई को लेकर क्या सवाल उठाते हैं।
